केपटाउन, 15 सितंबर। बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित विश्व के सबसे बड़े संसदीय मंच पर बिहार का प्रतिनिधित्व किया। वे 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) सम्मेलन के भव्य उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।
केपटाउन के इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (CTICC) में आयोजित इस सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर दक्षिण अफ्रीका की प्रेसीडेंसी मंत्री सुश्री रामोकगोफा ने डॉ. प्रेम कुमार का गर्मजोशी से स्वागत किया।
क्या है यह सम्मेलन – खबर का पूरा संदर्भ
यह कोई सामान्य बैठक नहीं, बल्कि दुनिया के 56 राष्ट्रमंडल देशों के संसदीय लोकतंत्र का महाकुंभ है।
* आयोजन: दक्षिण अफ्रीका की संसद और CPA की दक्षिण अफ्रीका शाखा द्वारा आयोजित।
• तिथि और स्थान: 13 से 19 सितंबर 2026 तक, केपटाउन के CTICC में।
• थीम: “बदलती विश्व व्यवस्था में अंतर्राष्ट्रीय कानून और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना: राष्ट्रमंडल नेतृत्व” •
भागीदारी: CPA के 9 क्षेत्रों – अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, भारत, कनाडा समेत – से करीब 800 स्पीकर, सांसद और संसदीय अधिकारी जुटे हैं । 1911 में स्थापित CPA का उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र और सुशासन को बढ़ावा देना है।
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भारत का एजेंडा क्या है?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल इस सम्मेलन में काफी सक्रिय है। 1 सितंबर को दिल्ली में हुई तैयारी बैठक में बिरला ने साफ कहा था कि भारत को वैश्विक मंच पर अपनी बात मजबूती से रखनी है ।
इस बार सम्मेलन में 6 बड़े वर्कशॉप हो रहे हैं जिनमें भारत अपना पक्ष रख रहा है:
1. समावेशी और निष्पक्ष व्यापार के लिए अंतर-संसदीय संवाद
2. दिव्यांगजनों के लिए संसदों को अधिक सुलभ बनाना
3. जलवायु अनुकूलन और लचीलापन में संसदीय नेतृत्व
4. संसदों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग
5. मानवाधिकारों की रक्षा और शांति को बढ़ावा देना
6. युवा विश्वास और लोकतंत्र में भागीदारी – इस पर एक यूथ राउंडटेबल भी हो रहा है।
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साथ ही 15-16 सितंबर को 10वां राष्ट्रमंडल महिला सांसद सम्मेलन भी चल रहा है, जिसकी थीम “जेंडर संवेदनशीलता को संस्थागत जनादेश बनाना” है।
बिहार के लिहाज से डॉ. प्रेम कुमार की उपस्थिति महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस मंच पर बिहार विधान मंडल के अनुभवों और बिहार में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर मिलेगा।
