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Wednesday, October 21, 2026
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पटना में बाढ़ का खतरा: गंगा के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन अलर्ट, शहर में पानी रोकने के लिए 108 रास्ते बंद

पटना, 03 सितंबर 2026 |

गंगा नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने पटना जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। खतरे को भांपते हुए आज जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय के. शर्मा और नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा ने वरीय अधिकारियों की पूरी टीम के साथ पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल का व्यापक निरीक्षण किया।

दीघा घाट से शुरू हुआ यह निरीक्षण बिंद टोली, एलसीटी घाट, गोसाईं टोला होते हुए पूरे प्रोटेक्शन वॉल क्षेत्र तक चला। निरीक्षण के दौरान हर घाट और सलूईस गेट पर जलस्तर की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया गया।
DM का सख्त निर्देश – पटना शहर में पानी नहीं घुसे
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में कहा – “किसी भी कीमत पर पटना शहर में पानी प्रवेश नहीं करना चाहिए।”

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इसके लिए उन्होंने तुरंत युद्धस्तर पर कई बड़े निर्देश जारी किए:

1. 108 रास्ते तुरंत बंद होंगे: पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल में आवागमन के लिए बने सभी 108 छोटे-बड़े रास्तों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया है। जल संसाधन विभाग, नगर निगम और बुडको को मिलकर तय समय-सीमा में इसे पूरा करना है।

2. 13 सलूईस गेट की लीकेज बंद: निरीक्षण के दौरान कई सलूईस गेटों पर सीपेज और रिसाव पाया गया। DM ने सभी 13 सलूईस गेटों की लीकेज को तुरंत बंद करवाया और अधिकारियों को 24 घंटे इसकी निगरानी करने को कहा है।

3. सभी DPS अलर्ट पर: शहर के सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन (DPS) को पूरी तरह क्रियाशील रखने का आदेश दिया गया है, ताकि अगर पानी शहर की तरफ बढ़े तो तुरंत निकासी की जा सके। सभी कर्मियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।

4. पाटलिपुत्र कॉलोनी और सदाकत आश्रम पर विशेष ध्यान: पाटलिपुत्र कॉलोनी और आसपास के पॉश इलाकों में जल प्रवेश रोकने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं सदाकत आश्रम के पास नाले के रास्ते शहर में पानी घुसने की आशंका को देखते हुए जल संसाधन और नगर निगम की संयुक्त टीम को रातभर में ही नाले को बंद करने का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शहर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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पुनपुन और चंडासी में भी स्थिति पर नजर

सिर्फ गंगा ही नहीं, पुनपुन नदी पर भी प्रशासन की नजर है। जिलाधिकारी और एसपी ने रामपुर लवाईज बैराज का निरीक्षण किया। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि जलस्तर बढ़ा है लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में है।

DM ने जिले के सभी तटबंधों की लगातार निगरानी का निर्देश दिया है। जहां भी कटाव या कमजोरी दिखे, वहां तुरंत मरम्मत शुरू की जाए।

बताया गया कि एहतियात के तौर पर पहले से ही कई जगहों पर सुरक्षात्मक कार्य किए गए हैं –
• अथमलगोला के रामनगर दियारा में गंगा तटबंध

• खुसरूपुर में कठौतिया नदी के तटबंध

• मोकामा के बराहपुर में गंगा तटबंध

• पुनपुन के गोपालपुर-तारणपुर क्षेत्र में तटबंधों की मरम्मती और सुदृढ़ीकरण राहत और बचाव की पूरी तैयारी
प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया है।

राहत शिविर: कुल 4 राहत शिविर चल रहे हैं – बाढ़ में 1, दानापुर में 1 और पटना पाटलिपुत्र अंचल में 2। सभी में सामुदायिक रसोई और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

पशु शिविर: पशुओं के लिए 5 शिविर बनाए गए हैं – बाढ़ में 2, दानापुर में 1 और पाटलिपुत्र में 2, जहां चारा और दवाइयों की व्यवस्था है।

66 नावों का मुफ्त परिचालन: लोगों की मदद के लिए 66 नावें मुफ्त चलाई जा रही हैं – अथमलगोला में 5, बख्तियारपुर में 5, बाढ़ में 8, दानापुर में 14, फतुहा में 7, मनेर में 13, पाटलिपुत्र में 13 और पुनपुन में 1।

SDRF तैनात: उमानाथ घाट, अलखनाथ घाट, बख्तियारपुर, एनआईटी घाट, गांधी घाट, कंगन घाट, दीघा घाट, जेपी सेतु, नासरी घाट, दानापुर पीपा पुल घाट और मनेर में SDRF की मोटर बोट और गोताखोरों की टीम तैनात है। 2 मोटर बोट रिजर्व में रखी गई हैं।

अंत में जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कोई भी नदी या जलमग्न क्षेत्रों में न जाए, स्नान न करे, बच्चों को पानी से बिल्कुल दूर रखें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

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