पटना। पड़ोसी देश नेपाल में विगत 26 अगस्त को आई भयावह प्राकृतिक आपदा और विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की आत्म-शांति तथा लापता नागरिकों की सकुशल वापसी के लिए 31 अगस्त 2026 की शाम राजधानी पटना में एक विशाल मौन कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। दीघा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस शांतिपूर्ण मार्च का नेतृत्व स्थानीय विधायक व बिहार विधानसभा के मुख्य सचेतक डॉ. संजीव चौरसिया तथा सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने किया।
खाजपुरा से राजा बाजार तक की पदयात्रा
यह कैंडल मार्च बेली रोड स्थित पिलर नंबर 32 (खाजपुरा) से शुरू होकर राजा बाजार स्थित हनुमान मंदिर तक पहुँचा। हाथों में मोमबत्तियाँ और शांति संदेश की पट्टियाँ लिए सैकड़ों लोगों ने मौन पदयात्रा की। हनुमान मंदिर प्रांगण में पहुँचकर सभी प्रतिभागियों ने मोमबत्तियाँ प्रज्ज्वलित कीं और दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति की सामूहिक प्रार्थना की। इस आयोजन में दीघा क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ वहाँ रहने वाले नेपाली एवं गोरखा समुदाय के नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
भारत और नेपाल का संबंध ‘बेटी-रोटी’ का: डॉ. संजीव चौरसिया
मार्च के दौरान विधायक डॉ. संजीव चौरसिया ने कहा कि ग्लेशियर टूटने के कारण आई इस भीषण आपदा में 900 से अधिक लोगों की असमय मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक है। उन्होंने कहा, “भारत और नेपाल का संबंध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा ‘बेटी-रोटी’ का अटूट रिश्ता है। आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरा भारत नेपाल के साथ खड़ा है। हम प्रार्थना करते हैं कि जो हजारों लोग अभी भी लापता हैं, वे सुरक्षित अपने परिवारों के पास लौट आएं।”
कैंडल मार्च में शामिल नागरिकों ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटे आपदा प्रबंधन दलों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों से लापता लोगों का जल्द से जल्द सुराग मिल सकेगा।
