चकिया (पूर्वी चंपारण):
बिहार में सुशासन और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों के बीच पूर्वी चंपारण जिले के चकिया से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और सत्ताधारी दल की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चकिया मंडल के अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मियों पर खुलेआम रिश्वतखोरी, अवैध उगाही और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है।
मामला उनके निजी विद्युत कनेक्शन का है 07 जुलाई 2026 को वे चकिया स्थित विद्युत कार्यालय में अपने एक कार्यकर्ता की पत्नी कल्याणी गुप्ता के नाम से आवेदन क्रमांक 520417301177 के बारे में जानकारी प्राप्त करने गए थे।
उन्होंने जब इस बारे में विभाग के कनिष्ठ अभियंता और फिर एसडीओ से बात की तो वहां उपस्थित दोनों विभाग के अधिकारियों ने उनके साथ उदंडता से बातचीत की और दुर्व्यवहार किया। और उन्होंने कोई मदद नहीं करने की बात कही।
निर्भीक और बेलगाम विद्युत अधिकारियों की बात सच साबित हुई है क्योंकि इस घटना के 15 दिन से ऊपर का समय बीत गया है लेकिन विभाग के तरफ से उन्हें विद्युत कनेक्शन देने के लिए कोई पहल नहीं की गई है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि जब राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं, तब सत्ताधारी दल के एक मंडल अध्यक्ष को सरकारी तंत्र के आगे इस कदर बेबस होना पड़ रहा है कि उन्हें अपनी ही सरकार के सामने गुहार लगानी पड़ रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चकिया मंडल के अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने अपने साथ हुए उदंडता और दुर्व्यवहार की शिकायत मोतिहारी जिलाधिकारी के साथ राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी से की है।
इस घटनाक्रम से यह यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि “जब सत्ताधारी पार्टी के पदाधिकारियों की बात प्रशासनिक अधिकारी नहीं सुन रहे हैं, तो आम जनता का क्या हाल होता होगा?”
पद के दुरुपयोग और संगठित वसूली का सनसनीखेज आरोप
विद्युत कार्यालय में हुए अपने अपमान से तिलमिलाये भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने इसकी शिकायत मोतिहारी जिलाधिकारी के साथ राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी से पत्र लिखकर की है। जिसमें उन्होंने बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर कई गंभीर प्रश्न उठाए हैं:
रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार: पत्र के अनुसार विद्युत विभाग के अधिकारी पर नए बिजली कनेक्शन देने, उपभोक्ताओं की समस्याओं को हल करने और बिजली चोरी के मामलों को रफा-दफा करने के नाम पर मोटी रकम वसूलने का आरोप लगाया गया है।
अवैध संपत्ति का अर्जन: पत्र में दावा किया गया है कि संबंधित अधिकारियों ने अपने सेवाकाल के दौरान अपनी वैध आय से कहीं अधिक चल-अचल संपत्ति अपने और परिजनों के नाम पर बनाई है।
लाइनमैन के जरिए वसूली: शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि अवैध उगाही का यह खेल विभाग के लाइनमैन सुबोध कुमार एवं संजीव कुमार सिंह के जरिए चलाया जा रहा है।
शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची शिकायत, उठी जांच की मांग
अपनी ही सरकार और व्यवस्था से नाराज भाजपा मंडल अध्यक्ष ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।और उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि (Copy) मुख्यमंत्री (बिहार सरकार), ऊर्जा मंत्री (बिहार सरकार), प्रदेश अध्यक्ष (भाजपा, बिहार), सांसद (मोतिहारी) एवं स्थानीय विधायक (पिपरा) को भेजकर त्वरित कार्रवाई का मांग की है।
सत्ता पक्ष के ही एक जिम्मेदार पदाधिकारी द्वारा उठाए गए इन सवालों ने न सिर्फ स्थानीय बिजली विभाग की पोल खोल कर रख दी है, बल्कि राज्य में अफसरशाही के हावी होने के विपक्ष के आरोपों को भी हवा दे दी है।
नोट – न्यूजलहर के पास भाजपा चकिया मंडल के अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता द्वारा मोतिहारी जिला अधिकारी को लिखे गए पत्र की कॉपी उपलब्ध है
