बिहार के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को वैश्विक पटल पर ले जाने के उद्देश्य से 19 जून 2026 को सारण जिले के छपरा में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से बिहार को रेलवे, नागरिक उड्डयन और शहरी विकास की कई बड़ी सौगातें दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़कों के जाल, बेहतर रेल कनेक्टिविटी और आधुनिक टाउनशिप के दम पर अब पटना से छपरा की दूरी केवल एक घंटे की रह जाएगी।
मुख्य आकर्षण एवं बड़ी घोषणाएं
छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस को हरी झंडी: बिहारवासियों के लिए रेल कनेक्टिविटी को आसान बनाते हुए छपरा से दिल्ली के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस और दोहरीघाट-औड़िहार ट्रेन सेवा का वाराणसी तक विस्तारीकरण भी शुरू हुआ।
वैश्विक स्तर पर मढ़ौरा का डंका: मढ़ौरा लोको प्लांट से अफ्रीकी देश गिनी गणराज्य (Republic of Guinea) को निर्यात होने वाले 51वें रेल इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ विजन के तहत इस प्लांट के कार्यकाल को अगले 20 वर्षों के लिए बढ़ाने का केंद्र से आग्रह किया है।
सारण में दो आधुनिक टाउनशिप और दो एयरपोर्ट: राज्य में बनने वाले 11 आधुनिक टाउनशिप में से अकेले सारण जिले में दो बड़े टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही जिले में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित दो नए एयरपोर्ट पर काम शुरू हो चुका है।
छपरा में ड्राई पोर्ट (Dry Port) की तैयारी: रेल मंत्री के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने छपरा में ड्राई पोर्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराने की बात कही। इस प्रोजेक्ट के आने से क्षेत्र में ₹20,000 करोड़ से ₹40,000 करोड़ तक का भारी निवेश आने की उम्मीद है।
रेलवे नेटवर्क का आधुनिकीकरण और वित्तीय मदद
बिहार में वर्तमान में रेलवे के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह ऑटोमैटिक और आई०टी० (IT) आधारित बनाया जा रहा है।
प्रमुख आंकड़े विवरण
₹1 लाख करोड़+वर्तमान में बिहार में चल रही कुल रेल परियोजनाओं की लागत
₹10,000 करोड़केंद्र सरकार द्वारा बिहार को दिया जाने वाला वार्षिक रेल बजट
36 जिलेबिहार के कुल 38 जिलों में से रेल कनेक्टिविटी से जुड़े जिलों की संख्या
ट्रैक अपग्रेडेशनछपरा से कटिहार तक के रेलवे ट्रैक को टू-लेन से थ्री-लेन करने का काम शुरू
धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नया विस्तार
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की धार्मिक धरोहरों को संवारने के लिए कई बड़े कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स की घोषणा की:
1. मां अंबिका भवानी गंगापथ: आमी स्थित प्रसिद्ध भवानी मंदिर के विश्वस्तरीय विस्तार के लिए पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर आमी से विदुपुर तक ‘मां अंबिका गंगापथ’ का निर्माण होगा।
2. भगवान नारायणी पथ: सोनपुर से गोपालगंज को जोड़ने वाली एक नई शानदार सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसे ‘भगवान नारायणी पथ’ नाम दिया गया है।
3. भगवान विश्वामित्र एक्सप्रेस-वे: गंगा पार बक्सर के इलाके में बनने वाले नए एक्सप्रेस-वे का नामकरण महर्षि विश्वामित्र के नाम पर किया जाएगा।
गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक समारोह में केंद्रीय रेल एवं आई०टी० मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, सारण के सांसद श्री राजीव प्रताप रुडी, महाराजगंज के सांसद श्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल सहित कई स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मऊ जंक्शन (उत्तर प्रदेश) से यूपी के कैबिनेट मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा और अन्य जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम से जुड़े।
कार्यक्रम के समापन पर सभी गणमान्य हस्तियों ने मढ़ौरा रेल फैक्ट्री का गहन निरीक्षण किया और वहां चल रहे वैश्विक स्तर के कार्यों की सराहना की।
