Saturday, May 23, 2026
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सहयोग शिविर में उमड़ा जनविश्वास: राजस्व विभाग को मिले 30,390 आवेदन

पटना, 23 मई 2026:
बिहार में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की पहल पर आयोजित ‘सहयोग शिविर’ को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। गत 19 मई को राज्यभर में आयोजित इस विशेष शिविर में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को कुल 30,390 आवेदन प्राप्त हुए। सरकार की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से 13,379 मामलों का निष्पादन (निपटारा) कर दिया गया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय कार्यालय कक्ष में इन आवेदनों और उनके निष्पादन की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस बैठक में विभाग के सचिव श्री जय सिंह, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

लंबित 16,112 आवेदनों को समय सीमा में पूरा करने का अल्टीमेटम
समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सहयोग शिविर में प्राप्त सभी लंबित 16,112 आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल का स्पष्ट संदेश: “राज्य सरकार की साफ मंशा है कि आम लोगों को दाखिल-खारिज (Mutation), परिमार्जन और भूमि मापी जैसी राजस्व संबंधी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। जनता को पूरी पारदर्शिता के साथ समयबद्ध सेवा मिलनी चाहिए। सहयोग शिविर लोगों और प्रशासन के बीच भरोसे को मजबूत करने का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है।”

जिलावार आंकड़े: बेगूसराय रहा सबसे आगे, जानें आपके जिले का हाल

सहयोग शिविर में भूमि संबंधी मामलों को लेकर अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में आवेदन आए। जिलावार आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 2,693 आवेदन बेगूसराय जिले से प्राप्त हुए।

प्रमुख जिलों से प्राप्त आवेदनों की सूची:

टॉप 5 जिले: बेगूसराय (2,693), मुजफ्फरपुर (1,585), गया (1,575), खगड़िया (1,552), और पश्चिम चंपारण (1,459)।

मध्यम आवेदन वाले जिले: भोजपुर (1,391), पूर्णिया (1,228), पटना (1,122), पूर्वी चंपारण (1,120), सारण (1,101), गोपालगंज (1,017) और मधेपुरा (1,015)।

अन्य जिले: अररिया (865), कटिहार (854), नालंदा (774), बांका (747), मधुबनी (729), दरभंगा (727), भागलपुर (695), सीवान (667), रोहतास (664), सुपौल (637), शेखपुरा (571), जमुई (540), समस्तीपुर (501), सहरसा (487), वैशाली (481) और सीतामढ़ी (478)।

कम आवेदन वाले जिले: किशनगंज (412), लखीसराय (404), औरंगाबाद (390), शिवहर (360), कैमूर (359), अरवल (262), जहानाबाद (257), बक्सर (246), नवादा (234) और मुंगेर (191)।

एक ही मंच पर मिल रहा समस्याओं का समाधान
राजस्व मंत्री ने कहा कि इस शिविर के जरिए दाखिल-खारिज, परिमार्जन और भूमि मापी जैसे पेचीदा मामलों को एक ही छत के नीचे लाकर सुलभ बनाया गया है। इससे राजस्व सेवाओं की पहुंच अब सीधे गांव-गांव तक सुनिश्चित हो रही है और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो रही है। अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि शेष बचे सभी मामलों को तय समय सीमा (डेडलाइन) के भीतर ही निपटाया जाए, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।

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