पटना: जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. की अध्यक्षता में शनिवार को पाटलिपुत्र बस टर्मिनल (पीबीटी) की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई इस बैठक में यात्रियों की सहूलियतें बढ़ाने, यातायात प्रबंधन और टर्मिनल के विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्रमुख निर्देश और निर्णय:
- अतिक्रमण मुक्त होगा क्षेत्र: जिलाधिकारी ने बैरिया, पहाड़ी और जीरो माइल तक नियमित रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसके लिए एडीएम (नगर-व्यवस्था) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि यात्रियों को जाम से निजात मिल सके।
- अवैध पार्किंग पर नकेल: मसौढ़ी मोड़ और जीरो माइल पर अवैध रूप से बसें खड़ी करने वालों और अवैध बस काउंटरों पर छापेमारी कर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल निर्धारित स्थानों से ही बसों का परिचालन सुनिश्चित किया जाए।
- यात्री सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण: टर्मिनल परिसर में पेयजल, शौचालय, स्नानघर और ड्राइवर डॉर्मिटरी के नियमित रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यात्रियों की जानकारी के लिए पर्याप्त डिस्प्ले बोर्ड, इंक्वायरी काउंटर और किराया सूची प्रदर्शित करने को कहा गया है।
- पुराने वाहनों की सफाई: पीबीटी परिसर में लंबे समय से डंप पड़े लगभग 28 पुराने वाहनों को एक सप्ताह के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है।
- सुरक्षा और निगरानी: सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए एसडीओ पटना सदर की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है।
- पीबीटी का विस्तार: टर्मिनल के विस्तार के लिए अतिरिक्त 5 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश भू-अर्जन पदाधिकारी को दिया गया है ताकि भविष्य की आधारभूत संरचनाओं का निर्माण हो सके।
- नई व्यावसायिक सुविधाएं: यात्रियों की सुविधा हेतु परिसर में बैंक, एटीएम, होटल, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड आउटलेट विकसित करने के लिए सचिव, पीबीटी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बहु-सदस्यीय टीम का गठन
यातायात और सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए एसपी (ट्रैफिक) की अध्यक्षता में एक विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम नियमित रूप से स्थल भ्रमण कर यात्रियों, वाहन संघों और मेट्रो/एनएचएआई जैसे विभागों से समन्वय स्थापित कर अपनी रिपोर्ट देगी।
जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि यात्रियों के लिए उत्तम परिवहन व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
