सौम्या कुमारी
छपरा में ‘भूमि सुधार जन–कल्याण संवाद’ में विजय कुमार सिन्हा का कड़ा रुख; हड़ताली अधिकारियों को सेवामुक्त करने की चेतावनी
छपरा। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने भूमि विवादों के समाधान में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों और हड़ताली अधिकारियों के खिलाफ सख्त तेवर दिखाए हैं। सारण प्रमंडल मुख्यालय के भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में आयोजित ‘भूमि सुधार जन–कल्याण संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के कार्यों में अराजकता और संवेदनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हड़ताली अधिकारियों पर गिरेगी गाज
राजस्व सेवा के अधिकारियों की हड़ताल पर उपमुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब काम का दबाव बढ़ा, तो कुछ लोगों ने वेतन और प्रमोशन का बहाना बनाकर काम बंद कर दिया। उन्होंने इसे पूरी तरह संवेदनहीनता करार देते हुए कहा:
- परीक्ष्यमान अधिकारियों पर कार्रवाई: जो प्रोबेशनरी अधिकारी अब तक काम पर नहीं लौटे हैं, उन्हें सेवा से मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश प्रधान सचिव सीके अनिल को दिया गया है।
- उच्च स्तरीय जांच: हड़ताल के पीछे किन बाहरी शक्तियों का हाथ है, इसकी जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी।
- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारियों की बर्खास्तगी के लिए सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिए गए हैं।
गृह जिले में पोस्टिंग की मांग खारिज
उपमुख्यमंत्री ने राजस्व कर्मचारियों की अपने गृह जिले में पदस्थापना की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पुराने अनुभवों को देखते हुए नियमावली में संशोधन किया गया है और जनहित में यह निर्णय कायम रहेगा कि कर्मचारियों की तैनाती उनके गृह जिले में नहीं की जाएगी।
उपलब्धियां और भविष्य की योजना
संवाद के दौरान उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन के लिए प्रतिबद्ध है:
- आंकड़े: अब तक विभिन्न प्रमंडलों से प्राप्त 13,311 आवेदनों में से 8,000 से अधिक का निष्पादन किया जा चुका है।
- नई तैनाती: काम को गति देने के लिए 1 अप्रैल से सभी अंचलों में राजस्व अधिकारियों की तैनाती की गई है।
- विकल्प: काम प्रभावित न हो, इसके लिए सेवानिवृत्त अंचल अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं पुनः ली जा रही हैं।
- सम्मान: सरकारी जमीन बचाने के लिए लड़ने वाले नागरिकों को सरकार प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगी।
“बिहार को मुकदमों की जड़ से मुक्त करना लक्ष्य”
श्री सिन्हा ने कहा कि भूमि विवाद कई अन्य अपराधों और विवादों को जन्म देता है। सरकार का लक्ष्य बिहार को इस समस्या से पूरी तरह मुक्त करना है ताकि “भाई-भाई का खून न बहे”। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य का भूमि प्रशासन अब पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा।
