जमुई | 26 मार्च, 2026
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने जमुई की धरती से बिहार की राजनीति और मतदाताओं की मानसिकता पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सत्ताधारी दल के कद्दावर नेताओं को घेरते हुए बिहार की जनता को भी उनके चुनावी फैसलों के लिए आईना दिखाया।
प्रशांत किशोर ने बिना किसी लाग-लपेट के सत्ताधारी दल जदयू के अशोक चौधरी, और भाजपा के सम्राट चौधरी, मंगल पांडेय और दिलीप जायसवाल का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव के पहले ही इन सभी नेताओं के कामकाज और सच्चाई को जनता के बीच पूरी मजबूती से रखा था। इसके बावजूद बिहार के मतदाताओं ने ने फिर से उन्हीं चेहरों को लाखों वोट देकर चुन लिया।
PK ने मतदाताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर आपने खुद ही भ्रष्ट नेताओं को वोट दिया है, तो बिहार में भ्रष्टाचार खत्म कैसे होगा? सीधी सी बात है—अब बोयेंगे बबूल तो आम कहां से खाइयेगा?” उन्होंने साफ किया कि जनता जब तक जाति और पुराने ढर्रे पर वोट देगी, तब तक बिहार में बदलाव की उम्मीद बेमानी है।
निशांत कुमार की एंट्री पर नीतीश को घेरा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चाओं पर भी प्रशांत किशोर ने बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पूरे जीवन यह ढोंग करते रहे कि उन्होंने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया, लेकिन आज जब वे सत्ता छोड़ने की बारी आई, तो अपने बेटे को सबसे आगे बैठाकर जा रहे हैं। यह उनके सिद्धांतों के पतन का सबसे बड़ा उदाहरण है।
भ्रष्टाचार और जवाबदेही पर सवाल
प्रशांत किशोर ने जमुई प्रवास के दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि वे हार-जीत से विचलित नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य जनता को यह समझाना है कि उनके एक गलत वोट का खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने भ्रष्टाचार को बिहार की तरक्की में सबसे बड़ी बाधा बताया और इसके लिए सीधे तौर पर गलत राजनीतिक चुनाव को जिम्मेदार ठहराया।
