पटना: जन सुराज पार्टी ने रविवार को पटना स्थित अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की ‘सद्भाव यात्रा’ पर तीखा हमला बोला और दिल्ली में बिहारी युवक पांडव की हत्या के मामले में एनडीए सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता किशोर कुमार ने कहा कि निशांत कुमार की यात्रा बिहार के विकास के लिए नहीं, बल्कि जेडीयू के अस्तित्व को बचाने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी धीरे-धीरे जेडीयू को समाप्त करने की ओर बढ़ रही है और नीतीश कुमार से सत्ता का हस्तांतरण कराया जा चुका है।
किशोर कुमार ने तंज कसते हुए कहा, “पिछले 20 वर्षों में नीतीश जी के लिए दो दर्जन यात्राएं निकाली गईं, लेकिन बिहार में न पलायन रुका, न शिक्षा में सुधार हुआ और न ही भ्रष्टाचार थमा। यह यात्रा केवल राजनीतिक विरासत को बैलेंस करने की एक कोशिश मात्र है।”
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव ने दिल्ली में बिहारी युवक पांडव की ‘कोल्ड ब्लडेड मर्डर’ का मुद्दा उठाते हुए एनडीए के नेताओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के कथित बयान “मार दिया तो मार दिया” की कड़ी निंदा करते हुए इसे बिहार के प्रति असंवेदनशीलता का पराकाष्ठा बताया।
सौरव ने सवाल किया, “बिहार से 40 लोकसभा सांसद और 8 केंद्रीय मंत्री दिल्ली में बैठे हैं, लेकिन क्या इनमें से कोई भी पीड़ित परिवार से मिलने जाएगा? ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद बिहारियों को उनकी पहचान के कारण निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद दुखद है।”
वरिष्ठ नेता मनीष कश्यप ने दिल्ली और बरेली में हुई बिहारी युवकों की हत्याओं का जिक्र करते हुए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार ने अन्य मामलों में पीड़ितों को 45 लाख और फ्लैट दिए थे, लेकिन बिहार सरकार एक बिहारी की जान की कीमत केवल 8 लाख रुपये लगा रही है।
