Wednesday, March 25, 2026
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भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन में बड़ी उपलब्धि: मोतिहारी में पहली ‘फील्ड सर्वे टीम’ की बैठक सफल

​पटना/मोतिहारी: भारत और नेपाल के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा और सटीक भू-प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया गया है। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में आयोजित पहली फील्ड सर्वे टीम (FST) की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा स्तंभों (Border Pillars) के रखरखाव और सर्वे कार्यों को लेकर भविष्य की रूपरेखा तैयार की।

बिहार के माननीय उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री, श्री विजय कुमार सिन्हा ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे सीमा प्रबंधन में पारदर्शिता लाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा:

​”यह बैठक न केवल भारत और नेपाल के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करती है, बल्कि सीमा स्तंभों के रखरखाव और पुनर्निर्माण कार्य में भी तेजी लाएगी। राज्य सरकार सीमा क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

​उन्होंने विशेष रूप से पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी और सर्वे ऑफ इंडिया की टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

​बैठक के मुख्य बिंदु और निर्णय
​सर्वे ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में बिहार के सात सीमावर्ती जिलों—किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई।

​स्तंभों का जीर्णोद्धार: सीमा पर स्थित कुल 5,312 सीमा स्तंभों की स्थिति की समीक्षा की गई। क्षतिग्रस्त या लापता स्तंभों को फिर से स्थापित करने पर सहमति बनी।

​संयुक्त भागीदारी: बैठक में सशस्त्र सीमा बल (SSB), वन विभाग और नेपाल के सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी एवं सर्वे अधिकारी शामिल हुए।

​नेपाली प्रतिनिधिमंडल की सराहना: नेपाल से आए अधिकारियों ने भारत द्वारा की गई व्यवस्थाओं और जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग की प्रशंसा की, जिससे भविष्य के संयुक्त ऑपरेशनों के लिए सकारात्मक माहौल बना है।

​सुरक्षा और विकास पर जोर
​वर्ष 2025-26 की स्वीकृत कार्ययोजना के तहत आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा विवादों को न्यूनतम करना और दोनों देशों के बीच तकनीकी डेटा का आदान-प्रदान सुगम बनाना है। मोतिहारी जिलाधिकारी श्री सौरभ जोरवाल के नेतृत्व में किए गए प्रबंधों ने इस अंतरराष्ट्रीय संवाद को नई ऊँचाई दी है।

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