पटना | 9 मई 2026
राजधानी पटना को जलजमाव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) ने अपनी कमर कस ली है। आगामी मानसून को देखते हुए बुडको ने ‘युद्ध स्तर’ पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार तकनीक और अतिरिक्त बिजली बैकअप के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि आंधी-बरसात या बिजली कटने की स्थिति में भी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों (डीपीएस) का संचालन प्रभावित न हो।
एमडी अनिमेष कुमार पराशर के कड़े निर्देश
बुडको के प्रबंध निदेशक श्री अनिमेष कुमार पराशर ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मानसून के दौरान न्यूनतम समय में जल निकासी ही मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को विशेष निगरानी बरतने को कहा है। एमडी ने बताया कि डेडिकेटेड फीडर और पर्याप्त संख्या में डीजी सेट (जनरेटर) की व्यवस्था की गई है, जिससे बिजली गुल होने पर भी पंप निरंतर चलते रहेंगे।
बिजली बैकअप के लिए ‘प्लान-बी’ तैयार
पंपिंग स्टेशनों को निर्बाध बिजली देने के लिए बुडको ने दो स्तरीय सुरक्षा चक्र तैयार किया है:
16 डेडिकेटेड फीडर: शहर के 16 स्थायी डीपीएस को बिजली कंपनी से सीधे जोड़ा गया है। आंधी या तकनीकी खराबी के बावजूद इन फीडरों से सीधे बिजली आपूर्ति जारी रहेगी।
39 हाई-कैपेसिटी डीजी सेट: बैकअप के तौर पर 39 बड़े जनरेटर लगाए गए हैं। विशेष रूप से पहाड़ी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन पर 2250 KVA के दो और 1250 KVA का एक महाकाय डीजी सेट स्थापित किया गया है।
91 स्टेशनों से होगी निकासी, 8 नए अत्याधुनिक डीपीएस शुरू
इस बार शहर की सुरक्षा के लिए कुल 91 पंपिंग स्टेशन (56 स्थायी और 35 अस्थायी) सक्रिय रहेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मानसून में 8 नए अत्याधुनिक डीपीएस काम करना शुरू कर देंगे, जिनमें उच्च क्षमता वाले डीवाटरिंग पंप लगे हैं।
इन इलाकों को मिलेगी बड़ी राहत:
राजीव नगर और दीघा कैनाल
दानापुर (आनंद बाजार)
टीवी टावर, दशरथा और नंदलाल छपरा
बकरी बाजार (बाजार समिति)
प्रेम कुंज (पहाड़ी)
इन नए स्टेशनों के शुरू होने से पटना सिटी, दानापुर, बाईपास और अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों के निवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बुडको ने आश्वस्त किया है कि सभी पंपों की मरम्मत और रखरखाव का काम पूरा कर लिया गया है ताकि बरसात में लोगों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
