पटना | 14 मार्च, 2026
बिहार के संवैधानिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। भारतीय सेना के एक अत्यंत सम्मानित और विशिष्ट सैन्य पदकों से अलंकृत अधिकारी, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने आज बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। पटना स्थित राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्होंने इस उच्च संवैधानिक पद का कार्यभार संभाला।

मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
समारोह के दौरान पटना उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू ने लेफ्टिनेंट जनरल हसनैन को पद की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के पश्चात उन्होंने आधिकारिक तौर पर कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया।
शौर्य और अनुभव का संगम
लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति द्वारा PVSM (परम विशिष्ट सेवा पदक), UYSM (उत्तम युद्ध सेवा पदक) और AVSM (अति विशिष्ट सेवा पदक) जैसे शीर्ष सम्मानों से नवाजा जा चुका है। कश्मीर में शांति बहाली और जनता के बीच अपनी खास पकड़ के कारण उन्हें ‘पीपुल्स जनरल’ के नाम से जाना जाता है।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह सहित राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी और सेना के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
प्राथमिकता: शिक्षा और जनता का कल्याण
शपथ ग्रहण के बाद महामहिम राज्यपाल ने कहा कि बिहार जैसे ज्ञान और संस्कृति की भूमि पर सेवा का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सुधार और छात्र हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी।
