बोधगया, बिहार — भारत और वियतनाम के बीच प्रगाढ़ होते कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों की कड़ी में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। वियतनाम के राष्ट्रपति और महासचिव, महामहिम टो लाम अपनी विशेष यात्रा के तहत भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया पहुंचे।
गया हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति टो लाम का स्वागत बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा गर्मजोशी से किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक बिहारी स्वागत के साथ-साथ दोनों देशों के बीच के मैत्रीपूर्ण संबंधों की झलक देखने को मिली।
सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को साझा करने वाले भारत और वियतनाम के लिए यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महामहिम टो लाम ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर में दर्शन किए और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
सांस्कृतिक कूटनीति: इस यात्रा ने दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को और मजबूती दी है।
बिहार की भूमिका: बोधगया की वैश्विक महत्ता को देखते हुए बिहार पर्यटन और बौद्ध सर्किट के जरिए वियतनाम के साथ रिश्तों को नए आयाम दे रहा है।
उच्च स्तरीय संवाद: राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ हुई संक्षिप्त चर्चा में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और साझा विरासत को सहेजने पर बल दिया गया।
यह यात्रा न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि आने वाले समय में आर्थिक और द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगी।
