पटना: बिहार की एनडीए सरकार में बड़े बदलाव और विस्तार की घड़ी आ गई है। आगामी 7 मई (बुधवार) को पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का गवाह बनेगा, जहाँ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का भव्य विस्तार समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह की विशिष्टता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं शिरकत करेंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रदेश कार्यालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद बताया कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए घटक दलों के तमाम बड़े नेता शामिल होंगे।
बिहार में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 36 सदस्यीय मंत्रिमंडल हो सकता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री (विजय कुमार चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव) समेत कुल 30 सदस्य हैं।
सीटों का समीकरण: चर्चा है कि भाजपा और जदयू के बीच 15-16 के अनुपात का फॉर्मूला तय हुआ है। इसके अलावा लोजपा (रामविलास) को 2 सीटें, जबकि ‘हम’ (HAM) और रालोमो को 1-1 मंत्री पद मिल सकता है।
पुराने चेहरों पर भरोसा: संभावना जताई जा रही है कि नीतीश मंत्रिमंडल के अधिकांश मंत्रियों को सम्राट चौधरी की टीम में जगह मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा की ओर से मंगल पांडेय, विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, संजय सिंह टाइगर, प्रमोद चंद्रवंशी, नीतीश मिश्र और दिलीप जायसवाल के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं। वहीं जदयू की ओर से श्रवण कुमार, सुनील कुमार, अशोक चौधरी और लेसी सिंह जैसे पुराने चेहरों के साथ-साथ 4-5 नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है।
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत के बाद पहली बार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बिहार आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। आज हुई बैठक में संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया और पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा सहित कई विधायकों और पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की। अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह आयोजन सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक होना चाहिए।
