G-HMMWBCZ928
Saturday, October 10, 2026
HomeTop Storiesभारी बारिश के बीच पटना में राहत: नगर निगम और बुडको के...

भारी बारिश के बीच पटना में राहत: नगर निगम और बुडको के संयुक्त अभियान से थमा जलजमाव, रातभर फील्ड में डटे रहे अफसर

पटना। शुक्रवार की आधी रात से शनिवार सुबह तक हुई लगभग 51 मिमी की मूसलाधार बारिश के बाद पटना को जलजमाव के संकट से बचाने के लिए पटना नगर निगम और बुडको (BUIDCO) ने पूरी ताकत झोंक दी। दोनों विभागों के संयुक्त और सघन जलनिकासी अभियान के कारण शहर के मुख्य मार्गों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और रिहायशी कॉलोनियों से रिकॉर्ड समय में पानी निकाल लिया गया।

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव सह बुडको के प्रबंध निदेशक श्री अनिमेष कुमार पराशर और पटना नगर निगम के नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा खुद मोर्चा संभाले रहे। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने रात और सुबह के समय सैदपुर, योगीपुर, अशोक नगर, मंदिरी और गोसाई टोला सहित कई संवेदनशील जलजमाव वाले क्षेत्रों और ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों (संप हाउस) का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी पंप पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए।

​अलर्ट पर रहीं टीमें, पेड़ गिरने पर तुरंत संभाला मोर्चा

​बारिश के दौरान आपात स्थितियों से निपटने के लिए नगर निगम की सभी 19 क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) रातभर फील्ड में मुस्तैद रहीं। इसी दौरान हज भवन के पास एक विशाल पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया, जिसे निगम की टीम ने तुरंत हटाकर सड़क साफ कराई।

​सचिवालय, एलएनजेपी अस्पताल, पुनाईचक, गांधी मैदान, करबिगहिया, राजेंद्र नगर, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, जय प्रभा मेदांता, मारूफगंज और अशोक राजपथ जैसे दर्जनों व्यस्त इलाकों से त्वरित कार्रवाई करते हुए पानी निकाल दिया गया है।

​निचले और मेट्रो निर्माण वाले इलाकों में काम जारी

​कुछ निचले और विशेष परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में अभी भी जल निकासी का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास मेट्रो निर्माण कार्य और सड़क का स्तर नीचे होने की वजह से अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं। इसके अलावा वार्ड-60 के बरगद का अखाड़ा सहित कुछ जल्ला (निचले) इलाकों में भी भारी क्षमता वाले पंपों से पानी निकाला जा रहा है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

​’स्मार्ट’ मॉनिटरिंग और 250 से ज्यादा पंपों का जाल

​जलजमाव से निपटने के लिए पटना के अलग-अलग अंचलों में बुडको और नगर निगम के कुल 56 ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों (डीपीएस) के 255 पंपों (विद्युत और डीजल) को लगातार चलाया गया। बिजली कटने की स्थिति से निपटने के लिए सभी संप हाउसों पर अतिरिक्त बिजली फीडर और भारी-भरकम डीजी सेट (जनरेटर) बैकअप के तौर पर तैयार रखे गए थे।

​अंचलों में पंपों की तैनाती:

  • ​नूतन राजधानी अंचल: 26 डीपीएस (105 पंप)
  • ​पाटलिपुत्र अंचल: 9 डीपीएस (36 पंप)
  • ​कंकड़बाग अंचल: 7 डीपीएस (46 पंप)
  • ​बांकीपुर अंचल: 7 डीपीएस (35 पंप)
  • ​अजीमाबाद अंचल: 7 डीपीएस (33 पंप)

​इस पूरे अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) से सैदपुर, योगीपुर और पहाड़ी क्षेत्र सहित 9 बड़े संप हाउसों की रियल-टाइम (लाइव) मॉनिटरिंग की गई। अधिकारियों ने स्क्रीन पर ही जलस्तर और मोटरों के संचालन की ऑनलाइन निगरानी की।

​बीमारी न फैले, इसलिए जलनिकासी के तुरंत बाद फॉगिंग शुरू

​नगर निगम ने पानी हटने के साथ ही संक्रामक और मच्छर जनित बीमारियों (जैसे डेंगू, मलेरिया) को रोकने के लिए कमर कस ली है। सभी अंचलों और प्रभावित गलियों में बड़े पैमाने पर फॉगिंग, एंटी-लार्वा का छिड़काव, साफ-सफाई और चूना-ब्लीचिंग पाउडर डालने का काम शुरू कर दिया गया है। मौसम विभाग के आगे के पूर्वानुमानों को देखते हुए नगर निगम और बुडको की टीमें अभी भी हाई अलर्ट मोड पर हैं।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे