विद्युत उपभोक्ताओं के डेटा से हो रही नए संपत्तिकर धारकों की पहचान, हर दिन 200 से 250 लोगों से किया जा रहा संपर्क
पटना | 11 जुलाई, 2026
पटना नगर निगम के नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने शनिवार को राजस्व व्यवस्था की मजबूती के लिए सभी अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों और राजस्व कर्मियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) संग्रहण, नए टैक्सपेयर्स की पहचान, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) और आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग पर कसेगा शिकंजा
बैठक में नए संपत्तिकर धारकों को टैक्स के दायरे में लाने की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ऊर्जा विभाग से मिले विद्युत उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबरों पर लगातार संपर्क किया जा रहा है। हर दिन लगभग 200 से 250 उपभोक्ताओं से बात कर नई संपत्तियों को चिह्नित किया जा रहा है।
नगर आयुक्त का कड़ा निर्देश: ऐसी संपत्तियों की गहन जांच की जाए जो नगर निगम के रिकॉर्ड में तो आवासीय (Residential) के रूप में दर्ज हैं, लेकिन धरातल पर उनका उपयोग व्यावसायिक (Commercial) गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
म्यूटेशन कार्य: 98% से अधिक आवेदनों का हुआ निष्पादन
राजस्व शाखा ने बैठक में जानकारी दी कि निगम को प्राप्त कुल लंबित म्यूटेशन आवेदनों में से 98 प्रतिशत से अधिक का निपटारा किया जा चुका है। इस पर संतोष जताते हुए नगर आयुक्त ने हिदायत दी कि जो भी आवेदन 35 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत क्लियर किया जाए। साथ ही नए आने वाले आवेदनों का निष्पादन भी समय-सीमा के भीतर करने को कहा गया है।
म्यूटेशन निष्पादन की अंचलवार स्थिति (11 जुलाई, 2026 तक):
बैठक में जारी आंकड़ों के अनुसार पटना के विभिन्न अंचलों में म्यूटेशन आवेदनों की स्थिति काफी सकारात्मक रही है:
अंचल का नाम कुल प्राप्त निष्पादित आवेदन
आवेदन
बांकीपुर अंचल। 169 169 (100%)
पाटलिपुत्र अंचल। 173 173 (100%)
पटना सिटी अंचल। 55 55(100%)
अजीमाबाद अंचल। 156 154
कंकड़बाग अंचल। 171 166
नूतन राजधानी अंचल 16 15
राजस्व बढ़ाने के लिए बनेगी ठोस कार्ययोजना
बैठक के अंत में नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को राजस्व संग्रहण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में राजस्व के सभी संभावित स्रोतों की पहचान की जाए और संपत्ति कर की वसूली में तेजी लाने के लिए तय कार्ययोजना के मुताबिक नियमित रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
