दावों की हवा निकली: पटना जंक्शन पर अधिकारियों के निरीक्षण के अगले ही दिन बंद मिला एस्केलेटर, यात्रियों की फजीहत
पटना: पटना जंक्शन पर यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे अधिकारियों के बड़े-बड़े दावे और निरीक्षण महज औपचारिकता और ढकोसला साबित हो रहे हैं। मंगलवार को पूर्व मध्य रेल के एजीएम अमरेंद्र कुमार ने पटना जंक्शन का लाव-लश्कर के साथ गहन निरीक्षण किया था और सख्त हिदायत दी थी कि स्टेशन पर लिफ्ट व एस्केलेटर किसी भी सूरत में बेवजह बंद न रहें। लेकिन अधिकारियों के इस दावे की पोल 24 घंटे के भीतर ही खुल गई।
बुधवार की सुबह से ही प्लेटफॉर्म संख्या 10 के टिकट घर से मुख्य ओवरब्रिज (FOB) तक ले जाने वाला एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ी) बंद पड़ा है।
एस्केलेटर बना ‘पैदल सीढ़ी’, भारी सामान संग हांफ रहे यात्री निरीक्षण के अगले ही दिन एस्केलेटर बंद होने से रेल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा न मिलने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और भारी सामान लिए यात्रियों को बंद पड़े एस्केलेटर पर ही पैदल चढ़कर पुल तक जाना पड़ रहा है।
निरीक्षण का असर शून्य, कागजों में सिमटे कड़े निर्देश मंगलवार को निरीक्षण के दौरान एजीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि तकनीकी खराबी आने पर तुरंत मरम्मत कराई जाए और यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। परंतु बुधवार सुबह की जमीनी हकीकत ने यह साफ कर दिया कि अधिकारियों के निर्देशों का अधीनस्थ कर्मचारियों और रखरखाव टीम पर कोई असर नहीं हो रहा है।
यात्रियों का कहना है कि वीआईपी निरीक्षण के दौरान तो व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई जाती हैं, लेकिन अधिकारियों के जाते ही हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। रेलवे प्रशासन के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से यात्रियों में भारी नाराजगी है।
