Friday, July 10, 2026
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वायु प्रदूषण नियंत्रण में पटना नगर निगम की बड़ी कामयाबी; 81.7% शिकायतों का हुआ त्वरित निपटारा

तकनीक आधारित ‘क्लीन एयर डैशबोर्ड’ से हो रही है निर्माण और स्वच्छता से जुड़े प्रदूषण स्रोतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग

पटना, 9 जुलाई 2026

राजधानी पटना में चल रही मेट्रो, सीवरेज और सड़कों जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बीच पटना नगर निगम ने वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तकनीक आधारित निगरानी और बेहतर समन्वय के बदौलत निगम ने क्लीन एयर डैशबोर्ड पर दर्ज कुल शिकायतों में से 81.7 प्रतिशत मामलों का सफल निष्पादन कर दिया है।

​बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नियुक्त दो स्वतंत्र सर्वेयर प्रतिदिन विभिन्न वार्डों का दौरा कर वायु गुणवत्ता का आकलन कर रहे हैं। इनके द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट और प्रदूषण के कारणों को ‘क्लीन एयर पॉल्यूशन डैशबोर्ड’ पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे प्रदूषण के स्रोतों की पहचान और उनका त्वरित समाधान आसान हो गया है।

​आंकड़ों की जुबानी: शिकायतों पर त्वरित एक्शन

​क्लीन एयर डैशबोर्ड के माध्यम से स्वच्छता और निर्माण गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों पर कड़ी नजर रखी जा रही है:

कुल दर्ज शिकायतें (टिकट): 83,112

सफल निष्पादन: 67,901 (81.7%)

अवैध मलबा डंपिंग के मामले: 16,749 दर्ज, जिनमें से 15,903 का समाधान किया जा चुका है।

​प्रदूषण के दो मुख्य स्रोतों पर फोकस

​नगर निगम ने प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा है:

श्रेणी और शामिल गतिविधियां
1. स्वच्छता से जुड़े मामले: कचरा प्वॉइंट पर गंदगी, खुले में कचरा डंप करना या जलाना, नाला उड़ाही के बाद सिल्ट को लंबे समय तक छोड़ना।
2. निर्माण एवं विध्वंस (C&D): बिना ढके निर्माण कार्य, खुले में निर्माण सामग्री/मलबा रखना और अवैध रूप से C&D वेस्ट डंप करना।

कैसे काम करता है सिस्टम?
औचक निरीक्षण के दौरान सर्वेयर द्वारा शिकायत दर्ज करते ही संबंधित अधिकारी को स्वतः नोटिफिकेशन जाता है। समाधान के बाद मुख्यालय के विशेषज्ञ स्मार्ट टूल से इसका क्रॉस-वेरिफिकेशन करते हैं। यदि काम संतोषजनक नहीं है, तो शिकायत दोबारा दर्ज की जाती है। बुडको, पीवीडी, गेल और पटना मेट्रो जैसी अन्य एजेंसियों से जुड़े मामलों को तुरंत उन्हें ट्रांसफर कर समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित कराया जाता है।

वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए जमीनी प्रयास

नगर आयुक्त के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) और एयर पॉल्यूशन एक्शन ग्रुप के विशेषज्ञ इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रदूषण कम करने के लिए शहर में निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

डीप क्लीनिंग: सरकारी के साथ-साथ अब निजी प्लॉटों की भी डीप क्लीनिंग की जा रही है।

नियमित कचरा उठाव: आवासीय क्षेत्रों में डोर-टू-डोर और व्यावसायिक क्षेत्रों में रोड-टू-रोड कचरा संग्रहण।

वाटर स्प्रिंकलिंग: धूल और पार्टिकुलेट मैटर (PM) को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख चौराहों और निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव।

नागरिकों के लिए आसान मलबा (C&D Waste) प्रबंधन और नियम

नागरिकों को सहूलियत देने और अवैध डंपिंग रोकने के लिए निगम ने पुख्ता व्यवस्था की है:

हेल्पलाइन: मलबा उठवाने के लिए नागरिक 155304 पर संपर्क कर सकते हैं।

शुल्क: निगम द्वारा ₹600 प्रति फेरा की दर पर मलबा उठाव सेवा उपलब्ध है।

जुर्माना: सार्वजनिक स्थलों पर अवैध रूप से मलबा फेंकने पर ₹1,500 तक का जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

चैटबॉट: अधिक जानकारी के लिए नागरिक निगम के व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 9264447449 पर संपर्क कर सकते हैं।

यहाँ बनाए गए हैं निःशुल्क ‘सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट’

यदि नागरिक स्वयं मलबा जमा करना चाहते हैं, तो सभी अंचलों में मुफ्त कलेक्शन पॉइंट बनाए गए हैं:

पाटलिपुत्र अंचल: पानी टंकी के पास, पाटलिपुत्र कॉलोनी

नूतन राजधानी अंचल: खगौल रोड, गर्दनीबाग

कंकड़बाग अंचल: एनआरएल पेट्रोल पंप के पास, ट्रांसपोर्ट नगर

बांकीपुर अंचल: महाराणा प्रताप मैरिज हॉल के पास, आर्य कुमार रोड

अजीमाबाद अंचल: बिग अस्पताल के विपरीत, पहाड़ी, पटना

पटना सिटी अंचल: पटना घाट के पास, मलसलामी थाना के निकट

स्मार्ट सिटी की वीएमडी स्क्रीन, सोशल मीडिया और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए इस अभियान को जनभागीदारी का रूप दिया जा रहा है। तकनीक और जनसहयोग के इसी कॉम्बिनेशन से पटना नगर निगम शहर की आबोहवा को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

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