बिहार विधान सभा अध्यक्ष ने असम और मेघालय प्रवास के अनुभवों को किया साझा
पूर्वोत्तर राज्यों और बिहार के बीच लगातार मजबूत हो रहे हैं सांस्कृतिक व आर्थिक संबंध
पटना, 30 मई। “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जिससे देश में सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन का नया दौर शुरू हुआ है। लेकिन किसी भी लोकतंत्र की असली मजबूती जनभागीदारी से होती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।”
ये बातें बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शनिवार को अपने असम और मेघालय प्रवास से लौटने के बाद अनुभव साझा करते हुए कहीं। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए समाज में शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
पूर्वोत्तर में रह रहे बिहार मूल के लोगों से किया संवाद
विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों और बिहार के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक तथा आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने वहां रह रहे बिहार मूल के प्रवासियों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याओं को समझा और उनके महत्वपूर्ण सुझावों को सुना। अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि वे इन प्रवासियों के संपर्क, सुरक्षा और विकास से जुड़े विषयों को संबंधित प्रशासनिक व सरकारी स्तरों पर प्रमुखता से उठाएंगे।
युवा शक्ति ही विकसित बिहार की सबसे बड़ी ताकत
युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने आह्वान किया कि वे कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट), नवाचार (इनोवेशन), खेल, विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर आगे आएं और राष्ट्र की प्रगति में अपना बहुमूल्य योगदान दें। उन्होंने कहा:
”युवा शक्ति ही विकसित भारत और हमारे विकसित बिहार की सबसे बड़ी ताकत है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, महिला सशक्तिकरण तथा रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। नागरिकों को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।“
सामूहिक प्रयासों से ही साकार होगा सपना
विधान सभा अध्यक्ष ने अंत में समस्त राज्यवासियों से अपील की कि वे सामाजिक सौहार्द, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना सामूहिक और एकजुट प्रयासों के विकसित बिहार और विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता।
