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Friday, October 30, 2026
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हवाई हमले से सुरक्षा की तैयारी: पटना समेत 6 जिलों में गूंजेगा सायरन, होगा ‘ब्लैकआउट’ का अभ्यास

पटना | 01 मई, 2026

​बिहार के छह प्रमुख जिलों में मई के तीसरे सप्ताह में नागरिक सुरक्षा की एक बड़ी परीक्षा होने जा रही है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, पटना, किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में हवाई हमले (Air Raid) से बचाव और ‘ब्लैकआउट’ को लेकर एक वृहद मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा।

​इस महत्वपूर्ण अभ्यास की तैयारियों को लेकर गुरुवार को आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

​अभ्यास के दौरान निर्धारित समय पर पूरे शहर में एक साथ सायरन बजाए जाएंगे। सायरन बजते ही नागरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ‘ब्लैकआउट’ किया जाएगा, जिसमें बिजली काट दी जाएगी और पूरे क्षेत्र में बत्तियां बंद रहेंगी।

​तैयारी के मुख्य बिंदु:

​सायरन की व्यवस्था: चौराहों पर लगे साउंड सिस्टम, थानों और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का उपयोग सायरन बजाने के लिए किया जाएगा।

​बिजली विभाग से समन्वय: ब्लैकआउट को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारियों को बिजली विभाग के साथ तालमेल बिठाने के निर्देश दिए गए हैं।

​अस्पतालों में तैयारी: मॉकड्रिल के दौरान अस्पतालों की खिड़कियों पर विशेष पर्दे (प्राइवेसी कर्टन) लगाए जाएंगे ताकि अंदर की रोशनी बाहर न दिखे।


​आपदा प्रबंधन सचिव ने स्पष्ट किया कि वर्ष में दो बार इस तरह के अभ्यास अनिवार्य हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि सायरन बजने या ब्लैकआउट होने पर आम जनता में किसी प्रकार का डर या ‘पैनिक’ न फैले।

​नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना ने बैठक में बताया कि पिछली बार बेगूसराय का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा था। उन्होंने इस बार स्कूल-कॉलेजों, दवा व्यवसायियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी इस अभ्यास से जोड़ने पर जोर दिया ताकि नागरिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता जमीनी स्तर तक पहुँच सके।

​मॉकड्रिल के 6 प्रमुख उद्देश्य

​बैठक में नागरिक सुरक्षा निदेशालय द्वारा निर्धारित 6 बिंदुओं पर सिलसिलेवार चर्चा की गई। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति या युद्ध जैसी परिस्थिति में नागरिक जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रशासनिक तंत्र की मुस्तैदी को परखना है।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में पटना प्रमंडल के आयुक्त, संबंधित जिलों के जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और SDRF के समादेष्टा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

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