पटना, 24 अगस्त 2026
बिहार में सहायक प्राध्यापक भर्ती को लेकर पिछले 21 दिनों से गर्दनीबाग में अनशन कर रहे पीएच.डी. धारकों का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया। राजभवन में माननीय राज्यपाल के साथ 2 घंटे चली मैराथन वार्ता के बाद सहमति बन गई है, जिसके बाद छात्रों ने अनशन वापस लेने का आश्वासन दिया है।
वार्ता में बनी सहमति के मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं:
- सहायक प्राध्यापक भर्ती परिनियम 2026 फिलहाल स्थगित
- एसोसिएशन की मुख्य मांगों पर विचार कर परिनियम में आवश्यक संशोधन किया जायेगा। संशोधन होने तक 2026 के परिनियम के आधार पर किसी भी प्रकार की नियमित या संविदा बहाली नहीं होगी।
- 15 दिनों में बनेगी उच्च स्तरीय समिति
- छात्रों की मांगों पर विचार के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री से विमर्श कर 15 दिनों के अंदर एक समिति गठित करेंगे। इसमें बिहार के प्रमुख शिक्षाविद और शिक्षा के क्षेत्र में अनुभवी प्रशासक शामिल होंगे।
- नई भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़े बदलावों पर सहमति
- समिति मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर विचार करेगी:
- अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष रखी जाये। • वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा ली जाये। • लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और API स्कोर को जोड़कर मेरिट लिस्ट बनेगी। मेरिट के आधार पर ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जायेगा और इंटरव्यू में टीचिंग डेमो भी होगा।
- API स्कोर को लेकर भी बड़ी राहत:
- मैट्रिक और इंटर के अंकों को API में नहीं जोड़ा जायेगा। • NET/JRF का वेटेज अधिकतम 11 तक रखा जा सकता है, लेकिन Ph.D. का वेटेज 30 से कम नहीं किया जायेगा। • शोध प्रकाशन और अनुभव को भी API में जोड़ा जायेगा, लेकिन इसे स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जायेगा ताकि कोई गलत फायदा न उठा सके। 4. अतिथि सहायक प्राध्यापकों के लिए भी राहत • अतिथि प्राध्यापकों को संविदा प्राध्यापकों की तरह न्यूनतम वेतनमान + महंगाई भत्ता दिया जाये। • सभी विश्वविद्यालयों में नवीकरण की प्रक्रिया एक समान हो। • प्रमाणपत्रों की गहन जाँच के बाद उन्हें 65 वर्ष तक पढ़ाने का अवसर दिया जाये। 5. उम्र सीमा धीरे-धीरे कम होगी
- छात्रों के सुझाव पर सहमति बनी कि अधिकतम उम्र सीमा को एक बार में कम न करके धीरे-धीरे कम किया जाये और इस बीच हर साल नियमित रूप से रिक्तियों पर बहाली की जाये।
वार्ता में छात्रों की ओर से एमएलसी (शिक्षक प्रतिनिधि) जीवन कुमार, अतिथि सहायक प्राध्यापक डॉ. कुंदन सिंह, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. विमा रानी, शोध छात्र आशीष कुमार और मोनू कुमार राय उपस्थित रहे।
इस सहमति के बाद गर्दनीबाग में 21 दिनों से जारी अनशन समाप्त होने की उम्मीद है, जिससे हजारों पीएच.डी. धारकों और शोध छात्रों ने राहत की सांस ली है।
