पटना, 9 सितंबर। पटना में डेंगू के खिलाफ चल रही जंग अब रंग ला रही है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रोकथाम रणनीति से शहर में डेंगू के मामलों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। 2023 में जहां करीब 8000 मामले सामने आए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा घटकर 1800 रह गया। 2 सितंबर 2026 तक इस साल सिर्फ 178 मामले ही मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2022 में 6784 केस थे, जो 2023 में बढ़कर 8000 हो गए थे। इसके बाद से लगातार गिरावट जारी है। 2023 की तुलना में 2025 में 79 प्रतिशत की कमी आई है।
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दोहरी रणनीति से टूटा मच्छरों का प्रजनन चक्र
नगर निगम ने सिर्फ मच्छर मारने तक सीमित न रहकर उनके लार्वा को ही खत्म करने की रणनीति अपनाई है।
शहर के सभी 75 वार्डों में रोजाना दो पालियों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिह्नित हॉटस्पॉट इलाकों में दिन में तीन बार तक फॉगिंग हो रही है। जैसे ही किसी इलाके से केस की सूचना मिलती है, संबंधित अंचल की टीम को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजा जाता है।
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132 मशीनें, 375 सेक्टरों में तैनात हैं टीमें
इस अभियान के लिए निगम ने 57 वाहन माउंटेड और 75 हैंड-हेल्ड यानी कुल 132 फॉगिंग मशीनें लगाई हैं और इतने ही कर्मी फील्ड में उतरे हैं।
अंचलवार स्थिति –
• नूतन राजधानी: 28 कर्मी, 12 वाहन व 16 हैंड-हेल्ड मशीनें
• पाटलिपुत्र: 29 कर्मी, 13 वाहन व 16 हैंड-हेल्ड मशीनें
• बांकीपुर: 21 कर्मी, 9 वाहन व 12 हैंड-हेल्ड मशीनें
• कंकड़बाग: 21 कर्मी, 10 वाहन व 11 हैंड-हेल्ड मशीनें
• पटना सिटी: 14 कर्मी, 6 वाहन व 8 हैंड-हेल्ड मशीनें
• अजीमाबाद: 19 कर्मी, 7 वाहन व 12 हैंड-हेल्ड मशीनें
लार्वा खत्म करने के लिए हर वार्ड को 5 सेक्टरों में बांटा गया है। इस तरह पूरे शहर में 375 सेक्टर बने हैं और हर सेक्टर में एक एंटी-लार्वा यूनिट सक्रिय है। ये टीमें नालियों, जलजमाव वाले स्थानों, खाली प्लॉट, निर्माणाधीन इमारतों और घरों में जाकर ब्रीडिंग स्पॉट की तलाश कर दवा का छिड़काव कर रही हैं और लॉगबुक में नागरिकों से फीडबैक भी ले रही हैं।
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गंगा घाटों पर विशेष नजर, MSU कर रही मॉनिटरिंग
गंगा का जलस्तर घटने के बाद घाटों के किनारे जमा पानी मच्छरों का नया अड्डा बन सकता है। इसे देखते हुए निगम ने घाटों पर विशेष सतर्कता बढ़ा दी है।
पूरे अभियान की मॉनिटरिंग अंचल स्तर से लेकर मुख्यालय तक हो रही है। मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस यूनिट (MSU) की टीमें फील्ड में जाकर निरीक्षण कर रही हैं और कर्मियों को ब्रीडिंग साइट पहचानने और दवा छिड़काव का प्रशिक्षण भी दे रही हैं।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घर की छत, बालकनी, कूलर, गमले, टायर और खाली डिब्बों में पानी जमा न होने दें। सप्ताह में एक बार इन जगहों की सफाई जरूर करें।
किसी भी इलाके में फॉगिंग या एंटी-लार्वा छिड़काव के लिए नागरिक टोल फ्री नंबर 155304 पर शिकायत कर सकते हैं, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
