पटना, 9 सितंबर 2026: पटना के आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी में 5 से 7 दिसंबर 2026 तक भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक गणित और विज्ञान के उभरते रुझानों पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। ‘द इंडियन मैथमेटिक्स एंड साइंस एसोसिएशन’ (IMSA) के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव ने की, जिसमें सम्मेलन के सफल और सुचारु संचालन की रूपरेखा तैयार की गई।
देश-विदेश के विद्वान होंगे शामिल
IMSA के अध्यक्ष एवं नालंदा खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. के.सी. सिन्हा ने बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन में भारत और विदेशों से बड़ी संख्या में शिक्षाविद, शोधकर्ता और विशेषज्ञ भाग लेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा और वैदिक विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक अकादमिक चर्चा को बढ़ावा देना है।
‘विकसित भारत @2047’ पर विशेष परिचर्चा
IMSA व कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस के प्रोफेसर विजय कुमार ने जानकारी दी कि शोध-पत्रों की प्रस्तुति के अलावा सम्मेलन में “विकसित भारत @2047 के लिए शिक्षा सुधार: एक क्रियान्वयन योग्य कार्य-योजना” विषय पर एक विशेष परिचर्चा आयोजित की जाएगी। इसमें समकालीन युग में वैदिक गणित की उपयोगिता और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था में नवाचारों पर गहन मंथन होगा।
एक सप्ताह में शुरू होंगे पंजीकरण
सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू हो जाएगी। प्रतिभागी IMSA की आधिकारिक वेबसाइट (www.imsaindia.org) या आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
बैठक में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य अजय यादव, निरीक्षक प्रो. कृष्णनंदन प्रसाद, प्रो. अरुण कुमार सिंह और डॉ. अरुण दयाल (हाजीपुर) समेत आयोजन समिति के कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
