Friday, July 31, 2026
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पटना नगर निगम का बड़ा फैसला: हड़ताल के बीच पुलिस साये में होगा कचरा उठाव, काम रोकने वालों पर दर्ज होगी FIR

पटना शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने और जारी सफाई कर्मचारी यूनियन की हड़ताल से निपटने के लिए पटना नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। शुक्रवार को पटना नगर निगम के नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय में अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों, सफाई निरीक्षकों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक हुई। नगर आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित में शहर की स्वच्छता व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हड़ताल के नाम पर काम बाधित करने वालों और काम पर आने वाले कर्मियों को धमकाने वालों के खिलाफ अब सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


पटना: पटना शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने और जारी सफाई कर्मचारी यूनियन की हड़ताल से निपटने के लिए पटना नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। शुक्रवार को पटना नगर निगम के नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय में अंचलों के कार्यपालक पदाधिकारियों, सफाई निरीक्षकों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक हुई।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित में शहर की स्वच्छता व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हड़ताल के नाम पर काम बाधित करने वालों और काम पर आने वाले कर्मियों को धमकाने वालों के खिलाफ अब सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के मुख्य बिंदु:

पुलिस सुरक्षा में रात्रिकालीन विशेष सफाई: हड़ताल के असर को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से प्रत्येक अंचल में पुलिस बल तैनात किया गया है। अब पुलिस की निगरानी में रात्रिकालीन विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।

15-20 अतिरिक्त कर्मियों की विशेष टीम: काम पर आने वाले सफाईकर्मियों को असामाजिक तत्वों और हड़ताल समर्थकों की धमकी से बचाने के लिए प्रत्येक वार्ड में 15 से 20 अतिरिक्त सहयोगी व्यक्तियों की टीम बनाकर समूह (ग्रुप) में काम कराया जाएगा।

काम बाधित करने वालों पर तुरंत FIR: यदि कोई व्यक्ति या असामाजिक तत्व कचरा उठाव में बाधा डालता है, सरकारी काम में व्यवधान पैदा करता है या कर्मियों को डराता-धमकाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज होगी।

लापरवाह एजेंसियों और कर्मियों पर गिरेगी गाज: आउटसोर्सिंग एजेंसियों को अनुबंध के अनुसार पूरा मानवबल उपलब्ध कराने की सख्त ताकीद दी गई है। मानवबल न देने वाली एजेंसियों और ड्यूटी पर आकर काम न करने वाले कर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।

बायोमेट्रिक और मैनुअल अटेंडेंस अनिवार्य: सभी स्थायी, दैनिक और आउटसोर्सिंग कर्मियों की उपस्थिति की निगरानी बायोमेट्रिक एवं मैनुअल दोनों माध्यमों से होगी। बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील

नगर प्रशासन ने जानकारी दी है कि पटना नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सफाई कर्मियों की सभी मांगें पहले ही पूरी की जा चुकी हैं, जबकि अन्य मांगों को उच्च स्तर पर विचार के लिए भेजा गया है।

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने शहरहित और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सभी सफाई कर्मियों से तत्काल काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शेष मुद्दों का समाधान आपसी बातचीत और संवाद से निकाला जा सकता है।

निगम का कुल सफाई बल:

स्थायी सफाई कर्मी: 647
दैनिक सफाई कर्मी: 3,816
आउटसोर्सिंग सफाई कर्मी: 4,822

नगर निगम प्रशासन इन 9,000 से अधिक कर्मियों के बल और उपलब्ध संसाधनों के भरोसे राजधानी की सफाई व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य बनाने में जुट गया है।

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