पटना | 21 अप्रैल, 2026
बिहार में सूरज के तल्ख तेवर और लू (Heat Wave) की शुरुआत के साथ ही आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। राहगीरों और खुले आसमान के नीचे काम करने वाले लोगों को राहत देने के लिए पटना नगर निगम ने मोर्चेबंदी तेज कर दी है। नगर निगम ने राजधानी के सभी प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नि:शुल्क शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए “निगम नीर” और पारंपरिक प्याऊ की विशेष व्यवस्था की है।
‘निगम नीर’: अब पहियों पर पहुंचेगा ठंडा पानी
नगर निगम की ‘वाटर ऑन-व्हील’ सेवा यानी “निगम नीर” की गाड़ियां शहर के उन हिस्सों में तैनात की गई हैं, जहां लोगों की आवाजाही सबसे अधिक है।
- प्रमुख स्टेशन और स्टैंड: पटना जंक्शन, राजेंद्र नगर स्टेशन, जीपीओ गोलंबर और विकास भवन जैसे केंद्रों पर ये गाड़ियां स्थाई रूप से मौजूद हैं।
- भ्रमणशील सेवा: इसके अलावा एनएमसीएच, अगमकुआं, सब्जीबाग, नाला रोड, खजांची रोड और बाजार समिति जैसे व्यस्त इलाकों में निगम नीर की गाड़ियां घूम-घूमकर लोगों की प्यास बुझा रही हैं।
- क्षमता: प्रत्येक गाड़ी में एक समय में 200 लीटर पानी उपलब्ध है, जिसमें लगे नलों से राहगीर आसानी से अपनी बोतलें भर सकते हैं।
वार्ड स्तर पर घड़ों वाले प्याऊ की स्थापना
निगम ने आधुनिक मशीनों के साथ-साथ पारंपरिक तरीके को भी अपनाया है। शहर के सभी 6 अंचलों (नूतन राजधानी, पटना सिटी, कंकड़बाग, अजीमाबाद, बांकीपुर और पाटलिपुत्र) के विभिन्न वार्डों में प्याऊ बनाए गए हैं।
- स्वच्छता और शीतलता: इन प्याऊ केंद्रों पर दो बड़े मटके (100-100 लीटर क्षमता) रखे गए हैं।
- निगरानी: निगम द्वारा इन मटकों की नियमित सफाई और रीफिलिंग सुनिश्चित की जा रही है ताकि राहगीरों को सुरक्षित और ठंडा पानी मिल सके।
अंचलवार प्रमुख प्याऊ केंद्र:
- नूतन राजधानी: जगदेव पथ, अनीसाबाद गोलंबर, चितकोहरा, और कारगिल चौक।
- पाटलिपुत्र: बोरिंग रोड चौराहा, दीघा बस स्टैंड, राजीव नगर और राजापुल।
- बांकीपुर: मुसल्लहपुर हाट, सब्जीबाग चौराहा और कदमकुआं।
- पटना सिटी व अन्य: गायघाट, चौक शिकारपुर, अगमकुआं रोड और पटना सिटी कोर्ट के समीप।
शिकायत और सुझाव के लिए हेल्पलाइन
नगर निगम ने अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में प्याऊ की कमी है या पानी की व्यवस्था में कोई समस्या है, तो नागरिक तुरंत निगम के टोल फ्री नंबर 155304 या व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 9264447449 पर सूचना दे सकते हैं।
निगम का लक्ष्य है कि इस भीषण तपिश में शहर के किसी भी नागरिक, विशेषकर रिक्शा चालकों, श्रमिकों और यात्रियों को पेयजल के लिए भटकना न पड़े।
