राजेंद्र पाल गौतम का यू-टर्न: ‘बिहारी’ टिप्पणी पर मचा घमासान तो यूपी कांग्रेस प्रभारी ने बिहारवासियों से मांगी माफी
पटना: उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ नेता राजेंद्र पाल गौतम की एक कथित टिप्पणी ने बिहार की राजनीति में नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर निशाना साधने के दौरान बिहार और बिहारवासियों को लेकर की गई टिप्पणी के बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा ने इसे बिहार की अस्मिता, स्वाभिमान और करोड़ों बिहारवासियों का अपमान बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सांसद रविशंकर प्रसाद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गौतम के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को भी निशाने पर लिया। दूसरी ओर, विवाद बढ़ने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने अपनी टिप्पणी को लेकर सफाई देते हुए ‘बिहारी’ शब्द के इस्तेमाल से ही इनकार कर दिया.
नवीन के बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, विवाद की शुरुआत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के एक साक्षात्कार में दिए गए बयान से हुई। उन्होंने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि राहुल गांधी देश में अस्थिरता और अराजकता पैदा करने वाले विदेशी टूलकिट के हिस्से के रूप में काम कर रहे हैं।
नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस विपक्षी राजनीति के नाम पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी अपनी पार्टी पर पूरा नियंत्रण रखते हैं और राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार लोगों को लामबंद कर सकते हैं।
नितिन नवीन के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने राहुल गांधी का बचाव किया और भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला।
राजेंद्र पाल गौतम ने भाजपा नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप
गौतम ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरा देश राहुल गांधी को एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में देख रहा है। इसी वजह से भाजपा लगातार उन्हें निशाना बना रही है।
उन्होंने भाजपा नेताओं पर भगवान राम और धार्मिक आस्था के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग चढ़ावा चोर हैं। राम के नाम पर सत्ता तक पहुंचे और राम के चढ़ावे को ही चोरी कर लिया।
इसी दौरान उनके बयान का वह हिस्सा विवाद का कारण बन गया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ‘ये बेचारे बिहारी कुछ भी नहीं जानते हैं, इन्हें जो स्क्रिप्ट थमा दी जाती है, ये बस वही पढ़ देते हैं।’
इस टिप्पणी के सामने आते ही बिहार की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई। भाजपा ने इसे केवल नितिन नवीन पर व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि बिहार की जनता और उनकी प्रतिभा का अपमान बताया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नाम पर भी गरमाई सियासत
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए भी यह मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। विवाद का केंद्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हैं, जो बिहार से आते हैं और प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं।
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भाजपा नेताओं ने इस मामले को बिहार के सम्मान और स्वाभिमान से जोड़ते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा है।
हालांकि, इस विशेष विवाद पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से कोई अलग और पुष्ट सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है। ऐसे में उनके नाम से कोई टिप्पणी जोड़ना उचित नहीं होगा।
संजय सरावगी का कांग्रेस पर तीखा हमला, 14 करोड़ बिहारवासियों के अपमान का आरोप
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राजेंद्र पाल गौतम की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की भाषा उनके राजनीतिक संस्कार, सांस्कृतिक सोच और बिहार के प्रति उनकी मानसिकता को उजागर करती है।
सरावगी ने कहा कि बिहार वह ऐतिहासिक धरती है, जिसने देश को लोकतंत्र, ज्ञान, दर्शन और सामाजिक चेतना की दिशा दी है। इसी धरती ने चाणक्य, आर्यभट्ट, भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसी महान विभूतियां दी हैं।
उन्होंने कहा कि बिहारियों को अयोग्य बताना केवल किसी एक व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं, बल्कि मेहनतकश बिहार की करोड़ों जनता, युवाओं, किसानों, मजदूरों और प्रतिभाशाली लोगों का अपमान है।
सरावगी ने कहा कि बिहार के युवा आज देश और विदेश में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और मेधा से राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं। बिहार की जनता अपने स्वाभिमान और आस्था से कभी समझौता नहीं करती।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या बिहारियों का अपमान करना और भगवान श्रीराम की आस्था को ठेस पहुंचाना ही कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा है?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने और बिहार की जनता के साथ-साथ देश के करोड़ों रामभक्तों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
सरावगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार और भगवान श्रीराम के अपमान का जवाब उत्तर प्रदेश की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में देगी। जनता कांग्रेस उम्मीदवारों की जमानत जब्त कराकर इसका जवाब देगी।
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी से मांगी माफी
भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के संदर्भ में बेहद शर्मनाक टिप्पणी की है। भाजपा इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है।
रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया कि आखिर बिहारियों के बारे में इस तरह की टिप्पणी करने का अधिकार उन्हें किसने दिया?
उन्होंने कहा कि हमें भारतवर्ष पर गर्व है और हमें बिहारी होने पर भी गर्व है। बिहार ने देश को प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर और संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा जैसी महान विभूतियां दी हैं।
उन्होंने महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की धरती ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। ऐसे राज्य के लोगों के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें अपने उत्तर प्रदेश प्रभारी के बयान के लिए बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने माफी नहीं मांगी तो भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी को घेरा, बिहार की जनता से हिसाब देने की चेतावनी
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राजेंद्र पाल गौतम की टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी स्वयं बिहार के लोगों का अपमान करने के बजाय अपने नेताओं के माध्यम से ऐसी बातें कहलवा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी बिहार के इतिहास और भूगोल के बारे में कितना जानते हैं?
उन्होंने बिहार की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए चाणक्य, गुरु गोबिंद सिंह, भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और आर्यभट्ट जैसी महान विभूतियों को याद किया।
गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार के लोगों का अपमान करने वालों को जनता जवाब देगी। उन्होंने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि बिहार के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों का राजनीतिक हिसाब लिया जाएगा।
विवाद के बीच राजेंद्र पाल गौतम का यू-टर्न, बोले- मैंने ‘बिहारी’ शब्द नहीं कहा
भाजपा नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया और विवाद के बढ़ने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने अपनी सफाई पेश की।
उन्होंने बिहार और बिहारवासियों के अपमान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बयान में ‘बिहारी’ शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया था।
गौतम ने अपनी सफाई के समर्थन में वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि उनके वास्तविक शब्द थे- ‘इन बेचारों को कुछ आता-जाता नहीं है।’
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने न तो बिहार का नाम लिया और न ही बिहार के लोगों के बारे में कोई टिप्पणी की। उन्होंने मीडिया एजेंसी पर बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया और कहा कि पूरी बातचीत सुनने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।
गौतम ने यह भी कहा कि जिस एजेंसी ने उनके हवाले से बिहारियों के संबंध में टिप्पणी प्रकाशित की है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, उनके इस स्पष्टीकरण से विवाद समाप्त होता नहीं दिख रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि टिप्पणी का आशय और उसके संदर्भ को लेकर कांग्रेस को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
