अनंत दा खेल बिगाड़ देंगे क्या? दिवाली की शुभकामना देने पहुंचे बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को।
कल ही बिहार की राजधानी पटना से पूरे लाव लश्कर के साथ यानी अपने समर्थकों के साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज अपने मित्र के निमंत्रण पर पहुंचे मोकामा से विधायक अनंत सिंह की बिहार वापसी तो हो गई है, लेकिन उनकी इस अनंत यात्रा ने उनके विरोधियों के सीने पर सांप लोटने वाली कहावत को चरितार्थ किया है।
और बिहार लौटते ही आज उन्होंने फिर एक नया कारनामा कर दिया है। जो उनके विरोधियों के लिए सांसत लाने जैसा है। आज देर शाम वे बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार से मिलने पहुंच गए। उनके समर्थकों के अनुसार मोकामा विधायक अनंत सिंह और बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की यह मुलाकात दिवाली पर शुभकामना देने के लिए थी। लेकिन इस मुलाकात की राजनीतिक हलकों में जोरदार चर्चा शुरू हो गई है।
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पिछले दिनों ही संपन्न बिहार विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह ने अपने पार्टी जनता दल यूनाइटेड के अधिकृत पटना स्नातक सीट के उम्मीदवार नीरज कुमार के विरोध में खुली बगावत कर दी थी। इस चुनाव में काफी मशक्कत के बाद नीरज कुमार ने जीत तो दर्ज कर ली। लेकिन अनंत सिंह के इस बगावत का जनता दल यूनाइटेड नेतृत्व ने गंभीरता से लिया।
और अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड से अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए 6 साल के लिए निकालने का आदेश जारी किया था। उक्त आदेश में जदयू नेतृत्व ने अनंत सिंह के साथ उनकी पत्नी की भी प्राथमिक सदस्यता रद्द करने की घोषणा की थी। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को अनंत सिंह की विधानसभा की सदस्यता खत्म करने का मांगपत्र जारी किया था।
विधानसभा अध्यक्ष ने भी अनंत सिंह की विधायकी खत्म करने के साथ, उन्हें एक महीने के अंदर विधायक के लिए आवंटित सरकारी आवास खाली करने का आदेश जारी कर दिया था। और फिर आज अपने आवास पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार द्वारा विधायक अनंत सिंह से मुलाकात से चर्चाओं का बाजार गर्म है।
राजनीतिक सूत्र इसे जदयू में आने वाले तूफान की बानगी मान रहे हैं। उनके अनुसार अनंत सिंह की बगावत की पटकथा के सूत्रधार कोई और है। और उस सूत्रधार की चाहत है की, जदयू में उनका वर्चस्व बना रहे और अपनी गद्दी हिलती देख उन्होंने यह सारा खेल रचा है।
हालांकि राजनीति में धुर विरोधी भी आपस में मिलते हैं तो उनका व्यवहार आम जनता में कोई गलत संदेश नहीं जाये वैसा ही रहता है। और बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और विधायक अनंत सिंह की मुलाकात भी एक अनौपचारिक मुलाकात हो सकती है लेकिन राजनीतिक हलकों में इसके मायने अलग-अलग निकाले जा रहे हैं।
