Sunday, August 9, 2026
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मानव तस्करी पर जीरो टॉलरेंस, पीड़ितों का पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

पटना: बिहार सरकार मानव तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल लापता लोगों और पीड़ितों की बरामदगी करना ही नहीं, बल्कि उनके कौशल विकास, रोजगार और पुनर्वास के जरिए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है। यह बात बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज पटना के ज्ञान भवन में गृह विभाग द्वारा आयोजित 'गुमशुदा बच्चों और मानव तस्करी पर पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन' (Eastern Zonal Conference-cum-Consultation on Missing Children and Human Trafficking) का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते हुए कही।

पटना: बिहार सरकार मानव तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल लापता लोगों और पीड़ितों की बरामदगी करना ही नहीं, बल्कि उनके कौशल विकास, रोजगार और पुनर्वास के जरिए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है। यह बात बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज पटना के ज्ञान भवन में गृह विभाग द्वारा आयोजित ‘गुमशुदा बच्चों और मानव तस्करी पर पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन’ (Eastern Zonal Conference-cum-Consultation on Missing Children and Human Trafficking) का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते हुए कही।

‘नया सवेरा 3.0’ से अभियानों को मिलेगी तेजी

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘नया सवेरा 1.0’ और ‘2.0’ की सफलता के बाद अब ‘नया सवेरा 3.0’ अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके माध्यम से मानव तस्करी की रोकथाम, बचाव, जन-जागरूकता और पीड़ितों के पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियों को और व्यापक व प्रभावी बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य में लापता बच्चों व व्यक्तियों की समयबद्ध बरामदगी के लिए रियल टाइम मॉनीटरिंग व्यवस्था लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं और अब तक 1,200 से अधिक बच्चों को रिकवर किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष जुवेनाइल पुलिस यूनिट और पुलिस बल में महिलाओं की बड़े पैमाने पर भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

रोजगार सृजन और पलायन पर नियंत्रण

मानव तस्करी के जोखिम को कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास को जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक निवेश का माहौल तैयार किया जा रहा है। ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ की ओर लौटने का वातावरण बन रहा है। हाल ही में विभिन्न स्टील उद्योग समूहों के साथ 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर निर्मित होंगे और पलायन में कमी आएगी।

‘सहयोग शिविर’ से शिकायतों का त्वरित निष्पादन

जन समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिनों के भीतर मामलों के निष्पादन के लिए ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक प्राप्त 6 लाख से अधिक आवेदनों में से 5.50 लाख से अधिक का निष्पादन किया जा चुका है। जवाबदेही तय करते हुए उन्होंने बताया कि यदि किसी नागरिक को अधिकारी स्तर पर न्याय नहीं मिलता, तो वे स्वयं प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को ऐसे मामलों की सुनवाई करते हैं।

विकसित भारत और समृद्ध बिहार का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ जैसी आपदाओं के स्थायी समाधान और गंगा, गंडक (नारायणी) तथा कोसी जैसी प्रमुख नदियों को जोड़ने व जल प्रबंधन की दिशा में भी काम कर रही है। बिहार सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के सपने को साकार करने के लिए सभी अंतर-राज्यीय एजेंसियों, पुलिस, न्यायपालिका और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सम्मेलन में गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान मानव तस्करी के दुष्प्रभावों और बचाव पर आधारित एक वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। बिहार के महाधिवक्ता श्री एस०डी० संजय ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, हरित गुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए० अमानुल्लाह, पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, सुप्रीम कोर्ट की मानक कार्य प्रणाली निर्माण समिति की अध्यक्षा व एएसजी श्रीमती अर्चना पाठक दवे, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश श्रीमती मुक्ता गुप्ता, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार सहित न्यायपालिका और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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