Sunday, August 9, 2026
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बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस 2027 पर आयोजित होगी अंतर्राष्ट्रीय लोक कला प्रदर्शनी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का निर्देश

बिहार की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और ऐतिहासिक लोक कला को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया है कि वर्ष 2027 में बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य अंतर्राष्ट्रीय लोक कला प्रदर्शनी आयोजित की जाए। मुख्यमंत्री ने यह बात गुरुवार को बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ करते हुए कही।

पटना:

बिहार की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और ऐतिहासिक लोक कला को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया है कि वर्ष 2027 में बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य अंतर्राष्ट्रीय लोक कला प्रदर्शनी आयोजित की जाए। मुख्यमंत्री ने यह बात गुरुवार को बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ करते हुए कही।

महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण और प्रदर्शनी का उद्घाटन

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों का विधिवत लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने पटना संग्रहालय में आयोजित मिथिला कला पर आधारित ‘कालजयी चित्रकला प्रदर्शनी’ का रिमोट के जरिए उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने बिहार संग्रहालय के बहुउद्देशीय सभागार में भारत के कालजयी कलाकारों और लोक कला पर केंद्रित अस्थायी प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ भी किया।

नालंदा और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत केंद्र रहा है। भोजपुरी, मैथिली, मगही, वज्जिका और अंगिका जैसी समृद्ध भाषाएं तथा बुद्ध एवं मौर्यकालीन विरासत राज्य की अमूल्य धरोहर हैं।

उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय भारत की ज्ञान परंपरा का प्रतीक था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नालंदा विश्वविद्यालय का पुनरुद्धार भारत की सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत के पुनर्जागरण को दर्शाता है। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से ही बिहार संग्रहालय का निर्माण संभव हुआ, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं।

युवाओं से सांस्कृतिक विरासत अपनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए पद्मश्री सम्मानित कलाकारों और कला साधकों का स्वागत किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे लोक कला, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपराओं को अपने जीवन में अपनाएं और इसे आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम के दौरान बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया, जबकि राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (नई दिल्ली) के महानिदेशक डॉ. संजीव किशोर गौतम ने उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की।

समारोह में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार, सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के सचिव नवीन कुमार तथा पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, कलाकार और कला प्रेमी उपस्थित थे।

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