पटना
देशभर की प्रतियोगी परीक्षाओं और मेडिकल-शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले संगठित पेपर लीक सिंडिकेट के खिलाफ भिवंडी (महाराष्ट्र) पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और चर्चित NEET पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी विजेंद्र कुमार गुप्ता को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी लंबे समय से देश के अलग-अलग राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराकर करोड़ों रुपये का काला कारोबार चला रहा था।
बिहार में कहाँ-कहाँ से हुई गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी?
भिवंडी पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट का मुख्य ढांचा और वित्तीय लेन-देन बिहार से ही संचालित हो रहा था। SIT ने बिहार के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर इस गिरोह के प्रमुख चेहरों को दबोचा है:
विजेंद्र कुमार गुप्ता (मुख्य आरोपी): भिवंडी पुलिस की एसआईटी टीम ने बिहार में चलाए गए एक गुप्त और तड़के सुबह के ऑपरेशन के तहत मुख्य सरगना विजेंद्र कुमार गुप्ता को धर दबोचा।
सुमन गुप्ता (पटना): जून माह में विशेष जांच दल (SIT) ने विजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता को पटना से गिरफ्तार किया था। सुमन इस गिरोह के वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क संचालन में मुख्य भूमिका निभा रही थी।
सोनू सिंह (हाजीपुर, वैशाली): विजेंद्र के मुख्य सहयोगी सोनू सिंह को हाजीपुर से गिरफ्तार किया गया। सोनू ने विजेंद्र के साथ मिलकर प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों से साठगांठ की थी।
मिथुन सिंह व अन्य सहयोगी: बिहार के अन्य हिस्सों से नेटवर्क से जुड़े मिथुन सिंह और इंद्रजीत सिंह जैसे प्रमुख सहयोगियों को भी हिरासत में लिया जा चुका है।
जूते में छिपाकर निकाला था पेपर, डेढ़ करोड़ का हुआ सौदा
जांच में सामने आया है कि बिजेंद्र गुप्ता और उसके साथी सोनू ने आगरा स्थित प्रिंटिंग हाउस के कर्मचारियों को भारी भरकम रकम और प्रॉपर्टी (जमीन का प्लॉट) का लालच देकर TET परीक्षा का पेपर हासिल किया था।
गड़बड़ी का तरीका बेहद चौंकाने वाला था—प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्र को जूते में छिपाकर बाहर निकाला गया था। यह पेपर गिरोह को महज आठ हजार रुपये में मिला था, जिसे भिवंडी और पुणे (महाराष्ट्र) में अभ्यर्थियों को लगभग 1.5 करोड़ रुपये में बेचा गया। भिवंडी पुलिस ने फर्जी ग्राहक बनकर इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया।
देशभर की प्रमुख परीक्षाओं से जुड़े तार: NEET से BPSC तक
विजेंद्र कुमार गुप्ता का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। पुलिस जांच के अनुसार, वह पिछले दो दशकों से देश के कई राज्यों में पेपर लीक सिंडिकेट चला रहा था:
NEET 2024 विवाद: वर्ष 2024 में नीट (NEET) पेपर लीक मामले के दौरान एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में विजेंद्र गुप्ता का नाम प्रमुखता से उछला था, जिसमें उसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने के दावे किए थे।
अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाएं: विजेंद्र का नाम 2023 की ओडिशा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (OSSC) परीक्षा, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा के पेपर लीक मामलों से भी जुड़ा हुआ है।
अब तक 13 गिरफ्तारियां
भिवंडी पुलिस इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी विजेंद्र गुप्ता से पहले पकड़े गए 12 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस अब विजेंद्र को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी, जिससे देशव्यापी नीट और राज्यस्तरीय परीक्षाओं के अन्य बड़े चेहरों का खुलासा होने की उम्मीद है।
