पटना: राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था और व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पटना सिटी के भगवानगंज मुख्य बाजार में व्यवसायी दीपक सोनी के घर और ‘चांदनी अलंकार ज्वेलरी शॉप’ में हुई 50 लाख से अधिक की भीषण डकैती ने स्थानीय व्यापारियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है।
इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे प्रशासनिक अमले और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पीड़ित और स्थानीय व्यापारिक संगठनों का कहना है कि— “बिहार में व्यापारी अगर सुरक्षित नहीं तो यहां व्यापार और रोजगार की बात बेमानी है।” जब राज्य की राजधानी में ही कारोबारी और उनके परिवार गनपॉइंट पर बंधक बन रहे हों, तो नए निवेश और रोजगार की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
खौफ की वो रात: गनपॉइंट पर पूरा परिवार, महिलाओं के पहने गहने भी उतरवाए
पीड़ित ज्वेलरी व्यवसायी दीपक सोनी ने बताया कि रविवार देर रात करीब 1:30 बजे 10 हथियारबंद डकैत सीढ़ी के सहारे छत के रास्ते उनके घर में दाखिल हुए। अपराधियों ने आते ही पूरे परिवार को गनपॉइंट पर ले लिया और बंधक बना दिया।
बदमाशों ने हथियार के बल पर तिजोरी की चाबी ली और व्यवसायी को नीचे दुकान में ले जाकर तिजोरी खुलवाई। अपराधियों ने बड़ी बेरहमी से लूटपाट मचाई:
दुकान की तिजोरी से: करीब 200-250 ग्राम सोने के जेवर (कीमत ~21 लाख रुपये) और 15 किलो चांदी (कीमत ~30 लाख से अधिक) लूटी।
घर के अंदर से: गोदरेज और अलमारी में रखे अन्य कीमती जेवर साफ किए।
महिलाओं से बर्बरता: अपराधियों ने घर की महिलाओं के शरीर पर पहने हुए जेवर भी जबरन उतरवा लिए।
बाइक और मोबाइल भी छीना: जाते-जाते बदमाश व्यवसायी की बाइक और मोबाइल भी लूट ले गए, जिसमें से बाइक जहानाबाद में मिलने की सूचना है।
व्यापारियों में भारी आक्रोश, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पटना के व्यवसायियों में भारी आक्रोश है। कारोबारियों का कहना है कि सरकार एक तरफ राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ जो व्यापारी अपनी जान-माल की बाजी लगाकर यहां व्यापार कर रहे हैं, उन्हें बुनियादी सुरक्षा तक नसीब नहीं है। अगर सरकार और प्रशासन का खौफ अपराधियों के मन से पूरी तरह खत्म हो जाएगा, तो बिहार में व्यापार ठप होने की कगार पर पहुंच जाएगा।
फिलहाल स्थानीय पुलिस मामले की जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है, लेकिन घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अपराधियों का कोई सुराग नहीं मिलने से व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
