Thursday, July 2, 2026
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आंगनबाड़ी कर्मियों के हक के लिए 4 जुलाई को पटना में आपातकालीन बैठक, 15 जुलाई को विधानसभा के समक्ष महाप्रदर्शन

पटना। बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक से संबद्ध) ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के अधिकारों की रक्षा और उनकी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। यूनियन के महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, आगामी 04 जुलाई 2026 को पटना के केदारभवन, अदालतगंज में दिन के 11:00 बजे से एक अत्यंत महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई गई है।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सेविकाओं और सहायिकाओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद करना और 15 जुलाई 2026 को बिहार विधानसभा के समक्ष होने वाले विशाल प्रदर्शन की रणनीति तैयार करना है।

यूनियन ने सरकार के सामने अपमुख्य मांगों पर बनेगी रणनीति:नी दर्जनों मांगें रखी हैं, जिन पर इस बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा:

सरकारी कर्मचारी का दर्जा: सेविका और सहायिकाओं को स्थाई सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।

मानदेय में वृद्धि: जब तक सरकारी दर्जा नहीं मिलता, तब तक सेविकाओं को ₹26,000 और सहायिकाओं को ₹18,000 मासिक मानदेय दिया जाए।

पेंशन व एकमुश्त राशि: सेवानिवृत्ति (Retirement) पर एकमुश्त ₹10 लाख की राशि या ₹10,000 मासिक पेंशन का प्रावधान हो।

संसाधन और पोषाहार: नए मोबाइल फोन के लिए जल्द भुगतान किया जाए और पोषाहार की राशि का भुगतान वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर हो।

पारदर्शिता की मांग: महिला पर्यवेक्षकों (Supervisors) की बहाली में निरंतरता के नाम पर हो रही धांधली को तुरंत बंद किया जाए।

सम्मेलनों और संगठन कोष पर भी होगी चर्चा

4 जुलाई को होने वाली इस बैठक में केवल स्थानीय मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि आगामी राज्य सम्मेलन, गोवा में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन और बेंगलुरु में आयोजित होने वाले एटक (AITUC) के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों पर भी गंभीर मंथन होगा। इसके साथ ही संगठन के सदस्यता शुल्क और सम्मेलन कोष को जमा करने को लेकर भी रूपरेखा तय की जाएगी।

नेतृत्वकर्ताओं से समय पर पहुंचने की अपील

यूनियन के महासचिव ने राज्य के सभी जिला अध्यक्षों, महासचिवों, परियोजना अध्यक्षों, राज्य कमेटी के सदस्यों और सभी स्तर के पदाधिकारियों को गरिमा और गंभीरता के साथ ठीक 11:00 बजे बैठक में उपस्थित होने का आग्रह किया है। यह बैठक दोपहर 3:00 बजे तक चलेगी।

“संघर्ष के अलावा कोई चारा नहीं है…”

पत्र के अंत में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए नारा दिया गया है— “जागो आंगनबाड़ी बहना जागो, अपने हक अधिकार के लिए जागो।” यूनियन ने साफ किया है कि एटक हमेशा से कर्मचारियों के हक के लिए लड़ा है और आगे भी मैदान छोड़कर भागने के बजाय संघर्ष का रास्ता अपनाएगा।

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