पटना, 20 जून 2026: राज्य में औद्योगिक विकास की गति को तेज करने और निवेशकों के लिए माहौल को और बेहतर बनाने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उद्योग विभाग और राज्य के प्रमुख उद्योग संगठनों के बीच अब हर 30 से 45 दिनों के अंतराल पर नियमित समन्वय बैठकें (Coordination Meetings) आयोजित की जाएंगी।
यह महत्वपूर्ण निर्णय शनिवार को उद्योग विभाग और प्रमुख उद्योग संगठनों के बीच आयोजित एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता बिहार की माननीया उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने की।

संवाद से सुलझेंगे उद्योग जगत के मुद्दे: उद्योग मंत्री
बैठक को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा:
”बिहार सरकार राज्य में उद्योग और निवेश के लिए एक सक्षम, प्रतिस्पर्धी और निवेशक-अनुकूल इकोसिस्टम विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उद्योग विभाग और उद्यमियों के बीच सतत संवाद सुनिश्चित करने के लिए यह नियमित बैठकें बुलाई जाएंगी। इससे नीतिगत सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने और उद्योग जगत की समस्याओं का त्वरित समाधान करने में मदद मिलेगी।”
पारदर्शी और समयबद्ध सेवाओं पर जोर
बैठक का संचालन करते हुए उद्योग विभाग के सचिव-सह-प्रबंध निदेशक (बियाडा एवं आयडा) श्री कुंदन कुमार ने कहा कि विभाग निवेशकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि उद्योग संगठनों के साथ इस नियमित सहभागिता से राज्य में निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे पहले, उद्योग निदेशक श्री मुकुल कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
प्रमुख उद्योग संगठनों ने साझा किए सुझाव
इस समन्वय बैठक में बिहार के तीन शीर्ष औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया:
- बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA)
- बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI)
- कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII)
बैठक के दौरान इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश संवर्धन, बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के सुदृढ़ीकरण, नीतिगत सुधारों और उद्योगों के सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव और फीडबैक साझा किए। विभाग ने आश्वासन दिया है कि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी भी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक डॉ. विद्यानंद सिंह, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) और आयडा (AYDA) के वरिष्ठ पदाधिकारियों समेत उद्योग विभाग के कई आला अधिकारी उपस्थित थे।
