Friday, June 19, 2026
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‘बिहार टेक’ पोर्टल का होगा निर्माण, 5 साल में उद्योगों के लिए जाना जाएगा बिहार: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

एसटीपीआई (STPI) पटना में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आईटी इंडस्ट्री व स्टार्टअप प्रतिनिधियों से किया सीधा संवाद

उद्योग लगाने के लिए जमीन की कोई कमी नहीं, 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप किए जा रहे हैं विकसित

‘सहयोग शिविर’ में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर होगी सीधी कार्रवाई

पटना, 19 जून 2026:
बिहार को औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी बनाने और युवाओं को राज्य में ही रोजगार के नए अवसर देने के लिए सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज घोषणा की कि राज्य में स्टार्टअप और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही ‘बिहार टेक’ पोर्टल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, “हम बिहार को ऐसा बनाएंगे कि अगले 5 वर्षों में बिहार अपनी कानून व्यवस्था के साथ-साथ उद्योग और व्यापार के लिए जाना जाएगा।”

मुख्यमंत्री शुक्रवार को पटना के राजीव नगर स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) में आईटी इंडस्ट्री और स्टार्टअप संगठनों के साथ आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में उनके साथ भारत सरकार के रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

स्टार्टअप्स के सुझावों को मिलेगा उचित प्लेटफॉर्म

संवाद कार्यक्रम के दौरान बिहार के उभरते हुए स्टार्टअप्स और आईटी फेडरेशन के प्रतिनिधियों (जिनमें आईएमजेड कॉरपोरेट, टाइगर कंपनी, NIRO जीआईएफ, आईटी एसोसिएशन फेडरेशन, हाईप्रोटेक, केआरआईएम एसएसआई लैब्स, जीलो हेल्प और सर्वो सुविधा के संचालक शामिल थे) ने अपने अनुभव और महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी उद्यमियों की बातों को बेहद ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों को अमलीजामा पहनाने के लिए कानूनी व प्रशासनिक बाधाओं को तुरंत दूर किया जाएगा।

बिहार में उद्योग के लिए जमीन की कमी नहीं: खोले गए विकास के द्वार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘समृद्ध बिहार’ के सपने को पूरा करने के लिए सरकार चौतरफा काम कर रही है। उन्होंने बुनियादी ढांचे की जानकारी देते हुए बताया:
राज्य में 2 लाख एकड़ सरकारी जमीन को चिन्हित कर निकाला गया है।

बिहार को नई रफ्तार देने के लिए 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप बनाए जा रहे हैं।

जमीन अधिग्रहण के एवज में किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है ताकि कोई असंतोष न रहे।

पूरे राज्य में उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए द्वार खोल दिए गए हैं और किसी भी अड़चन का त्वरित निपटारा किया जा रहा है।

‘सहयोग पोर्टल’ पर लापरवाही की तो 31वें दिन अधिकारी होंगे सस्पेंड

प्रशासनिक जवाबदेही और जनता की समस्याओं के निवारण पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग शिविर’ और ‘सहयोग पोर्टल’ की सफलता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अब तक इस पोर्टल पर 3 लाख 26 हजार आवेदन आए हैं, जिनका समाधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “सहयोग पोर्टल पर आवेदन आने के 30 दिनों के भीतर अगर कार्रवाई नहीं होती है, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे निलंबित (सस्पेंड) करने का आदेश चला जाता है।” उन्होंने यह भी बताया कि जिन 7 हजार मामलों में अधिकारियों के आदेश त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं, वहां उनके वरीय अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर सही आदेश निर्गत करने का निर्देश दिया गया है।

प्रतिभा का पलायन रोक आत्मनिर्भर बनेगा बिहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पहले पानी और आबादी को अपनी समस्या मानता था, लेकिन अब इन दोनों का ही सही दिशा में सदुपयोग हो रहा है। उन्होंने बिहार को ज्ञान की भूमि बताते हुए कहा कि सरकार ऐसी मजबूत व्यवस्था बना रही है जिससे हमारे बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े और वे बिहार में ही पढ़कर स्टार्टअप के जरिए नए रोजगार पैदा करें।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने युवाओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टार्टअप स्टॉलों का बारीकी से निरीक्षण किया और उनका उत्साहवर्धन किया।

इस भव्य संवाद कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव द्वय लोकेश कुमार सिंह एवं संजय कुमार सिंह सहित आईटी जगत के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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