Wednesday, September 16, 2026
Homeबिहारई-विधान के अनुरूप बदलेंगे बिहार विधानसभा के नियम, शून्यकाल से लेकर याचिकाओं...

ई-विधान के अनुरूप बदलेंगे बिहार विधानसभा के नियम, शून्यकाल से लेकर याचिकाओं तक अब सब कुछ होगा ऑनलाइन

पटना। बिहार विधानसभा को पूरी तरह डिजिटल और तकनीक सक्षम बनाने की दिशा में रविवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में आयोजित ‘नियम समिति’ की बैठक में प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली में आवश्यक संशोधनों को स्वीकृति दी गई। नए बदलावों के लागू होने के बाद अब शून्यकाल, ध्यानाकर्षण सूचना, कार्य स्थगन प्रस्ताव, निवेदन, याचिका और गैर-सरकारी संकल्प जैसी तमाम संसदीय सूचनाएं पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ही सदन में उपस्थापित की जाएंगी।

संसदीय अधिकार और अध्यक्षीय विवेकाधिकार रहेंगे सुरक्षित

बैठक को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि ई-विधान (NeVA) व्यवस्था को अपनाने के बाद अब नियमावली में वैधानिक बदलाव समय की मांग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमावली में बदलाव का उद्देश्य केवल कागजी प्रक्रिया को डिजिटल बनाना भर नहीं है, बल्कि सदस्यों को सुविधा देना, समय की बचत करना और अभिलेखों को सुरक्षित रखना है। अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी प्रगति के बावजूद नियमों की मूल भावना, सदस्यों के संसदीय अधिकार और अध्यक्षीय विवेकाधिकार पूरी तरह अक्षुण्ण रहेंगे।

बैठक में इन प्रमुख प्रस्तावों पर बनी सहमति:

डिजिटल सूचना व्यवस्था: शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, कार्य स्थगन, निवेदन, याचिका एवं गैर-सरकारी संकल्प को केवल ऑनलाइन जमा और उपस्थापित करने से जुड़े नियमों में संशोधन का प्रस्ताव स्वीकृत।

कारा सुधार समिति: कारा सुधार समिति से संबंधित नियमों और प्रावधानों को मुख्य प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली में अंतर्निहित (शामिल) करने पर सहमति।

आवास समिति: आवास समिति के कार्यों और अधिकार क्षेत्र के विस्तार का प्रस्ताव पास।

दशकों पुराने लंबित मामलों की होगी समीक्षा

नियम समिति की बैठक के ठीक बाद अध्यक्ष की अध्यक्षता में ‘सामान्य प्रयोजन समिति’ की भी बैठक हुई। इसमें दो से तीन दशक पूर्व गठित एक विशेष समिति के प्रतिवेदन और उसकी अनुशंसाओं के अनुपालन की समीक्षा की गई। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सर्वप्रथम सभी लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ, तो समीक्षा के बाद लंबित कार्रवाई को समाप्त मानते हुए मामलों का अंतिम निस्तारण कर दिया जाएगा।

बैठक में वरिष्ठ मंत्री और विधायक रहे मौजूद

आयोजित बैठकों में उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, श्रीमती लेशी सिंह, केदार प्रसाद गुप्ता के अलावा वरिष्ठ सदस्य तारकिशोर प्रसाद, आलोक कुमार मेहता, अरुण मांझी और माधव आनंद उपस्थित रहे।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे