Thursday, May 28, 2026
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सरकारी जमीन का बंदरबांट अब नहीं चलेगा, गलत तरीके से नाम करने वालों पर बनेगा सख्त कानून: डॉ. दिलीप जायसवाल

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने आज विभागीय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुपौल, रोहतास और पटना जिले के राजस्व कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सरकारी जमीन की सुरक्षा और उसके रिकॉर्ड को दुरुस्त करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेवारी है और अब सरकारी जमीन का बंदरबांट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पटना, २८ मई २०२६

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने आज विभागीय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुपौल, रोहतास और पटना जिले के राजस्व कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सरकारी जमीन की सुरक्षा और उसके रिकॉर्ड को दुरुस्त करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेवारी है और अब सरकारी जमीन का बंदरबांट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मी की मिलीभगत से सरकारी जमीन को गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम किया गया, तो जिम्मेवार लोगों पर न सिर्फ सख्त कार्रवाई होगी, बल्कि राज्य सरकार इस पर अंकुश लगाने के लिए शीघ्र ही एक कड़ा कानून भी लाने जा रही है।


​भ्रष्टाचार और लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’, १७५ अधिकारी आर्थिक अपराध इकाई की रडार पर

​समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर बल देते हुए कहा कि जनता के कार्यों में होने वाली देरी ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है। अंचलों (ब्लॉक) में सक्रिय दलालों पर कड़ी नजर रखने की हिदायत देते हुए उन्होंने बताया:

​”भ्रष्टाचार पर नकेल कसने और निगरानी के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का एक विशेष सेल गठित किया गया है। इस समय विभाग के करीब पौने दो सौ (१७५) अधिकारी सीधे तौर पर इस सेल की निगरानी में हैं। मंत्री से लेकर अधिकारी तक, हर कुर्सी को पूरी तरह ईमानदार होना होगा, तभी भ्रष्टाचार पर प्रभावी वार संभव है।”

​अब सिर्फ ऑनलाइन मोड में होगा काम, ऑफलाइन करने पर नपेंगे अधिकारी

​जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए मंत्री ने दो टूक कहा कि विभाग का हर कार्य अब केवल ऑनलाइन मोड में ही संचालित किया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि कोई भी अधिकारी इसके बावजूद ऑफलाइन तरीके से काम करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने लंबी अवधि से लंबित पड़े मामलों को बिना किसी देरी के तत्काल निष्पादित करने का आदेश दिया।

​भूमिहीनों को वास की भूमि देना लक्ष्य, १५ दिनों में सुधार दिखाने का अल्टीमेटम

​मंत्री ने कहा कि जमीन से ही विकास की आगे की राह तय होती है। सरकार का मुख्य लक्ष्य सभी सुयोग्य श्रेणी के भूमिहीन परिवारों को चिन्हित कर उन्हें वास (रहने) की भूमि उपलब्ध कराना है, इसलिए इस पुनीत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

​जिलों की रैंकिंग और कार्य प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए माननीय मंत्री ने अधिकारियों को अगले १५ दिनों के भीतर काम में स्पष्ट सुधार दिखाने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर ‘टॉप-१०’ रैंकिंग में स्थान बनाने के लक्ष्य के साथ समयबद्ध तरीके से काम करें।

​पटना जिले की रैंकिंग सुधारने के लिए DM और ADM को विशेष निर्देश

​विशेष रूप से सूबे की राजधानी और सबसे महत्वपूर्ण जिले पटना की कार्यप्रणाली पर चर्चा करते हुए मंत्री ने हर स्तर पर रैंकिंग में सुधार करने का निर्देश दिया। उन्होंने पटना के जिलाधिकारी (DM) और अपर समाहर्ता (ADM) को नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग करने को कहा ताकि अगली समीक्षा बैठक में इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे सकें।

​इन महत्वपूर्ण बिंदुओं की हुई बारी-बारी से समीक्षा

​इस त्रि-दिवसीय मैराथन समीक्षा के तीसरे दिन कई महत्वपूर्ण राजस्व योजनाओं की प्रगति जांची गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

​म्यूटेशन डिफेक्ट चेक और ऑनलाइन म्यूटेशन

​परिमार्जन प्लस एवं ई-मापी

​अभियान बसेरा और गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन

​राजस्व महा-अभियान और पब्लिक ग्रीवांस (जन शिकायत निवारण)

​सहयोग शिविर और फॉर्मर रजिस्ट्रेशन

​आरसीएमएस (RCMS) के विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामले

​बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सुपौल, रोहतास और पटना जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता (ADM), भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) और अंचलाधिकारी (CO) उपस्थित रहे।

​राजस्व मुख्यालय में विभाग के सचिव श्री जय सिंह ने सभी अधिकारियों को तय समय सीमा में लंबित कार्यों को पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया। इस बैठक में सचिव श्रीमती सीमा त्रिपाठी, विशेष सचिव श्रीमती इनायत खान, अपर सचिव श्री प्रशांत सीएच, डॉ. महेंद्र पाल, श्री आजीव वत्सराज, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री मणि भूषण किशोर, जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी तथा आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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