Thursday, May 21, 2026
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बिहार में ज़मीन से जुड़ी शिकायतों पर बड़ा एक्शन: मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के निर्देश पर तत्काल गठित हुआ ‘मॉनिटरिंग सेल’

पटना: बिहार में आम नागरिकों की ज़मीन और राजस्व से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के कड़े निर्देश के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय

‘मॉनिटरिंग सेल’ (अनुश्रवण प्रकोष्ठ) का गठन कर दिया है। इस नए सेल की कमान बिहार राजस्व सेवा के 9 वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है, जो सीधे तौर पर आम जनता की शिकायतों की निगरानी और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेंगे।

विभाग ने साफ कर दिया है कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर ढिलाई या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्यों पड़ी नए मॉनिटरिंग सेल की जरूरत?

राजस्व विभाग का विभागीय जन शिकायत पोर्टल 08 मई 2025 से लगातार काम कर रहा है। लेकिन, पिछले कुछ समय में इस पोर्टल से जुड़े कई अधिकारियों का तबादला (अन्यत्र पदस्थापन) हो जाने के कारण शिकायतों के निपटारे की रफ्तार धीमी हो गई थी।

इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय कामकाज को दुरुस्त करने और जवाबदेही तय करने के लिए तत्काल नई व्यवस्था लागू करने का आदेश दिया।

इन 9 अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

पोर्टल पर आने वाली शिकायतों और परिवादों के गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निष्पादन के लिए जिन नौ राजस्व अधिकारियों को तैनात किया गया है, उनके नाम कमल नयन कश्यप, संतोष कुमार चौधरी, एजाज आलम, सक्षम सिंह, धीरज कुमार, विजय कुमार राय, पंकज कुमार झा, मनोज कुमार गुप्ता, अनुजा सिन्हा हैं

तत्काल काम शुरू करने के निर्देश:

विभाग ने इन सभी तैनात अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे विभागीय आईटी मैनेजर से अविलंब अपनी आईडी के पासवर्ड प्राप्त करें और लंबित मामलों का निपटारा शुरू करें। इस पूरी व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत करने के लिए एनआईसी (NIC) की मदद ली जा रही है।

उप सचिव डॉ. सुनील कुमार बने ‘नोडल अफसर’

इस पूरे मॉनिटरिंग सेल के सुचारू संचालन और पोर्टल की सतत निगरानी (Continuous Monitoring) के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उप सचिव डॉ. सुनील कुमार को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। उनकी देखरेख में ही यह पूरी टीम काम करेगी और सीधे विभाग को रिपोर्ट सौंपेगी।

विभाग का कड़ा संदेश:

“यह कदम विभागीय जवाबदेही बढ़ाने, पारदर्शिता लाने और आम नागरिकों को बिना किसी परेशानी के बेहतर राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। हर शिकायत का निष्पादन अब तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ करना अनिवार्य होगा।”

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