मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को अटकाने और भटकाने वाले पदाधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आवेदनों की मॉनिटरिंग के लिए एक फुलप्रूफ व्यवस्था बनाई गई है:
10वां दिन: आवेदन मिलने के 10 दिन बाद मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जाएगा।
20वां दिन: कार्य न होने पर दूसरा नोटिस जारी होगा।
25वां दिन: अंतिम चेतावनी के रूप में तीसरा नोटिस भेजा जाएगा।
30वां दिन: हर हाल में समस्या के निष्पादन का आदेश जारी करना होगा।
31वां दिन: यदि 30 दिनों में काम नहीं हुआ, तो 31वें दिन अधिकारी स्वतः निलंबित माने जाएंगे। यही नियम sahyog.bihar.nic.in पोर्टल पर आने वाले आवेदनों पर भी लागू होगा
हेल्पलाइन नंबर: मुख्यमंत्री ने बताया कि जनता की सहूलियत के लिए 11 मई को ही सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया जा चुका है, जहां लोग अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकते हैं।
हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेंगे शिविर
’सात निश्चय योजना-3′ के तहत अब बिहार के सभी जिलों में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायतवार सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें अंचल, प्रखंड और थाना स्तर की समस्याओं का ऑन-स्पॉट या समय सीमा के भीतर समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी मंत्री और जनप्रतिनिधि भी कम से कम 3 सहयोग शिविरों में शामिल होकर जनता की मदद करेंगे।
सोनपुर को बड़ी सौगातें: गंगा-अंबिका पथ और नया टाउनशिप
मुख्यमंत्री ने सोनपुर और सारण के विकास के लिए कई बड़े ऐलान किए:
गंगा-अंबिका पथ: पटना के जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) की तर्ज पर सोनपुर में ‘गंगा-अंबिका पथ’ का निर्माण किया जाएगा। इस पूरे इलाके को दिल्ली-एनसीआर के नोएडा की तरह विकसित किया जाएगा।
बाबा हरिहरनाथ टाउनशिप और एयरपोर्ट: सोनपुर में नया एयरपोर्ट और बाबा हरिहरनाथ के नाम पर एक आधुनिक टाउनशिप बनेगी।
4 गुना मुआवजा: टाउनशिप के लिए यदि किसी की जमीन अधिग्रहित होती है और उनके घर में बेटी की शादी या कोई परेशानी है, तो जिलाधिकारी को आवेदन देने पर चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
पुलों का जाल: महात्मा गांधी सेतु और जेपी सेतु के समानांतर नए पुल बन रहे हैं। साथ ही कच्ची दरगाह से राघोपुर पुल को भी जल्द चालू किया जाएगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों का ऐलान
जुलाई से 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज: बिहार के जिन 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां इसी साल जुलाई (2026) से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
सरस्वती विद्या निकेतन बनेंगे मॉडल स्कूल: हर प्रखंड में बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए मॉडल स्कूल विकसित किए जा रहे हैं, ताकि मंत्रियों और अफसरों के बच्चे भी वहां पढ़ने के लिए ललायित रहें।
15 अगस्त तक ‘रेफरल बीमारी’ पर रोक: अनुमंडल और जिला अस्पतालों से सामान्य मरीजों को पटना रेफर करने का खेल 15 अगस्त तक हर हाल में बंद होगा। बिना वजह मरीज रेफर करने वाले सिविल सर्जनों पर सीधी कार्रवाई होगी। केवल गंभीर मरीजों को ही बड़े अस्पतालों में भेजा जाएगा।
महिला उद्यमिता और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाना चाहते हैं। इसी कड़ी में बिहार की महिलाएं ‘जीविका’ समूह से जुड़कर 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं। राज्य में युवाओं के रोजगार के लिए बड़ी फैक्ट्रियां और उद्योग लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिविर में आए लाभुकों को बासगीत पर्चा, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन और स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रोत्साहन राशि के चेक सौंपे। कार्यक्रम में सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, स्थानीय विधायक विनय कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
