पटना | 2 मई, 2026 बिहार की राजधानी पटना में आज से ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण (मकानों के सूचीकरण एवं गणना) का विधिवत शुभारंभ हो गया है। पटना के जिला पदाधिकारी (DM) डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने दानापुर निजामत नगर परिषद के रामजी चक क्षेत्र से इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि आगामी दशकों के लिए विकास की नई पटकथा लिखने का आधार है।
काम की अधिकता और सटीकता को देखते हुए जिले को दो मुख्य इकाइयों में बांटा गया है:
पटना नगर निगम: इसकी कमान नगर आयुक्त के हाथों में है।
ग्रामीण व अन्य नगर निकाय: कुल 40 चार्जों की जिम्मेदारी स्वयं जिलाधिकारी ‘प्रधान जनगणना अधिकारी’ के रूप में संभाल रहे हैं।
‘जनगणना 2027’ की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल होना है।
स्व-गणना (Self-Enumeration): नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी भर सकते हैं। पटना में इस पहल को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है—अब तक 2.5 लाख से अधिक परिवार खुद को रजिस्टर कर चुके हैं।
प्रगणकों की भूमिका: यदि आपने स्व-गणना कर ली है, तो आपको घर आने वाले प्रगणक को बस अपना ‘रेफरेंस नंबर’ देना होगा।
जिले के हर कोने तक पहुँचने के लिए प्रशासन ने एक विशाल कार्यबल तैनात किया है:
8,114 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाए गए हैं।
के7,963 प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे।
1,343 पर्यवेक्षक (Supervisors) काम की गुणवत्ता की जांच करेंगे।
899 प्रगणक व 154 पर्यवेक्षकों का ‘रिजर्व पूल’ किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।
नागरिकों की गोपनीयता पर बात करते हुए डॉ. त्यागराजन ने कहा, “जनता का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। इसे सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, बल्कि इसका उपयोग केवल अस्पताल, सड़क, स्कूल और अन्य सामाजिक कल्याण की नीतियां बनाने के लिए होगा।”
जिलाधिकारी ने पटनावासियों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी दें और राष्ट्र निर्माण के इस कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने मीडिया से भी इस अभियान के प्रति सकारात्मक जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
