पटना | 01 मई, 2026
बिहार सरकार ने जनता की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारते हुए ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत की जा रही है। अब आम नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय या राजधानी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि उनके गाँव और पंचायत में ही समस्याओं का समाधान होगा।
सूचना एवं जन-संपर्क विभाग (IPRD) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, आगामी 19 मई से राज्य की सभी पंचायतों में नियमित रूप से ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का आयोजन हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को किया जाएगा।
इस पहल की मुख्य विशेषताएँ:
पंचायत स्तर पर पहुँच: सरकार खुद जनता के द्वार पहुँच रही है ताकि न्याय और समाधान सुलभ हो सके।
समयबद्ध समाधान: शिविर में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निपटारा अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
लिखित आवेदन: नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं को लिखित रूप में लेकर अपने नजदीकी पंचायत शिविर में पहुँचें।
इस योजना का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता लाना और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना है। पंचायत स्तर पर शिविर लगने से बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को विशेष रूप से लाभ होगा, जिन्हें अपनी बात अधिकारियों तक पहुँचाने में कठिनाई होती थी।
प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इन शिविरों की निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। सूचना एवं जन-संपर्क विभाग द्वारा जनहित में जारी इस संदेश को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी प्रसारित किया जा रहा है ताकि अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी इसका लाभ उठा सके।
