पटना: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस बैठक में शिक्षा, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।
प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
बिजली उपभोक्ताओं को भारी राहत: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना’ के तहत कुल 23,165 करोड़ रुपये के अनुदान की स्वीकृति दी गई है। इसमें से 18,005 करोड़ रुपये सीधे एनटीपीसी (NTPC) को और शेष 5,160 करोड़ रुपये बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी को दिए जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलती रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति: राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” कार्यक्रम के अंतर्गत 208 प्रखंडों में नए डिग्री महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 9,152 नए पदों के सृजन और 104 करोड़ रुपये की प्रारंभिक योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। साथ ही, हर प्रखंड में एक ‘मॉडल स्कूल’ विकसित करने के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
पुलिस बल का सुदृढ़ीकरण: बिहार पुलिस में भर्ती की राह देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। पुलिस अवर निरीक्षक (SI) और समकक्ष के 20,937 सृजित पदों में से 50% पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने और शेष पर सीधी नियुक्ति की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है। साथ ही, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ और गया में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 485 नए पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है।
गंगा पथ और बुनियादी ढांचा: परिवहन को सुगम बनाने के लिए तीन बड़ी सड़क परियोजनाओं को पीपीपी (PPP) मोड पर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें बिदुपुर से दिघवारा (56 किमी), सारण से गोपालगंज (73.51 किमी) और बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ (90 किमी) शामिल हैं।
स्वास्थ्य और समाज कल्याण: पटना के गर्दनीबाग में ऑटिज्म से ग्रस्त बच्चों के इलाज के लिए “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, ‘मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना’ के तहत छात्र-छात्राओं को मिलने वाली राशि को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
पर्यावरण और पर्यटन: संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम अब आधिकारिक तौर पर ‘पटना जू (Patna Zoo)’ होगा। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘बिहार हरित जलवायु कोष (BGCF)’ के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले:
पटना में साइबर अपराध इकाई के लिए 51.19 करोड़ की लागत से नए भवन का निर्माण होगा।
राज्य में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित जलापूर्ति निगरानी के लिए 3,601 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है।
भोजपुर और नवादा में नए केंद्रीय विद्यालय के निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।
