सहरसा (बिहार)। बिहार में जड़ जमा चुके ‘भूमि विवाद’ के नासूर ने एक और हंसते-खेलते परिवार को तबाह करने की कोशिश की है। सहरसा जिले के बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को सुन्न कर दिया है। यहाँ मोहनपुर वार्ड संख्या-5 में एक महिला ने ससुर से संपत्ति विवाद के बाद अपने पांच नाबालिग बच्चों के साथ सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया।
मिली जानकारी के अनुसार, सोनी देवी (पति रंजन पंडित) ने घरेलू कलह और मानसिक दबाव में आकर एक खौफनाक फैसला लिया। वह बाजार से मूंग की फसल में छिड़काव वाली जहरीली दवा खरीदकर लाई थी। रात के सन्नाटे में उसने ममता का गला घोंटते हुए दूध और हॉरलिक्स में वही जहर मिलाकर अपनी तीन बेटियों (प्रीति, रचना, सपना) और दो बेटों (राम और लखन) को पिला दिया, और फिर खुद भी पी लिया।
स्थानीय सूत्रों और परिजनों के मुताबिक, सोनी देवी का अपने ससुर झीगर पंडित के साथ जमीन-जायदाद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद तब चरम पर पहुँच गया जब ससुर द्वारा संपत्ति को दूसरे बेटों के नाम करने की धमकी दी गई। अपने बच्चों के भविष्य को लेकर आशंकित और अपनों से ही प्रताड़ित होकर महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
बिहार के संदर्भ में यह कोई पहली घटना नहीं है; यहाँ हर दूसरा-तीसरा परिवार जमीन की कानूनी पेचीदगियों और आपसी रंजिश के कारण बिखर रहा है। कहीं बेटा पिता का लहू बहा रहा है, तो कहीं बहुएं इस तरह के सामूहिक आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर हैं।
वर्तमान में सभी पीड़ितों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक:
दो बेटों (राम और लखन) की हालत बेहद नाजुक है, जिन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।
तीनों बेटियों और माँ की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन खतरा टला नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही बनमा ईटहरी थानाध्यक्ष कुंदन कुमार सहनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या महिला को इस कदम के लिए किसी ने उकसाया था।
यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी है। भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन की कमी और पारिवारिक संवाद का अभाव मासूमों की जान पर भारी पड़ रहा है।
