पटना में 17 अप्रैल से ‘स्व-गणना’ शुरू, DM डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने की तैयारियों की समीक्षा
पटना | 24 अप्रैल, 2026
पटना के जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आज समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय बैठक कर जनगणना 2027 के प्रारंभिक चरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनगणना न केवल हमारे लोकतंत्र का आधार है, बल्कि देश के भविष्य और विकास की नीतियों को तय करने वाली सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 17 अप्रैल से स्व-गणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 1 मई तक चलेगी। यह प्रक्रिया अत्यंत सरल और पारदर्शी है, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकते हैं।
मकान सूचीकरण और आवास गणना: जनगणना का पहला चरण 2 मई से 31 मई, 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाएं और घर बैठे अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।
इस बार की जनगणना कई मायनों में खास है। यह देश की पहली ऐसी जनगणना होगी जहां आंकड़ों का संग्रहण पूर्णतः डिजिटल उपकरणों के माध्यम से किया जाएगा। प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर स्मार्टफोन पर एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डेटा जुटाएंगे।
जनगणना को त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं:
कुल कार्यबल: जिले में 46 चार्ज जनगणना अधिकारी, 12,071 प्रगणक, 2,031 पर्यवेक्षक और 222 फील्ड ट्रेनर तैनात किए गए हैं।
नगर निगम क्षेत्र: पटना नगर निगम के 75 वार्डों के लिए 3,376 प्रगणक और 563 पर्यवेक्षक नियुक्त हैं।
समन्वय: कार्यों की निगरानी के लिए 13-सदस्यीय जिला-स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (DLCCC) और जिला जनगणना कोषांग सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और लोक कल्याणकारी नीतियों के निर्माण के लिए किया जाएगा। उन्होंने जीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा और पंचायती राज जैसे विभिन्न विभागों को निर्देश दिया कि वे लोगों को जागरूक करें और इस कार्य को ‘मिशन मोड’ में पूरा करें।
”जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करते हैं। मैं सभी पटनावासियों से अपील करता हूं कि जब प्रगणक आपके घर आएं, तो उन्हें सही और प्रामाणिक जानकारी दें। आपकी सक्रिय भागीदारी से ही सटीक आंकड़ों का संकलन संभव है।”
— डॉ. त्यागराजन एस.एम., जिलाधिकारी, पटना
