उम्र का असर हो या फिर चुनाव पूर्व भाजपा से समझौता, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से पदत्याग निश्चित है। लगभग महीने भर पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्यसभा के सदस्यता का नामांकन भर कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मुख्यमंत्री का पद छोड़ने का सीधा इशारा दे दिया था।
लेकिन महीना बीत जाने के बाद भी राज्य के राजनीति हलकों में हर घंटे नेताओं के बदलते बयान और दावेदारी से इस मुद्दे पर लगातार असमंजस एवं अटकलों का बाजार गर्म है। और यह कहना कही गलत नहीं होगा कि जाते जाते भी भाजपा की गले की हड्डी साबित हो रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गत 5 मार्च को राज्यसभा के सदस्य का नामांकन भरा था। चर्चा है कि विधानसभा चुनाव के पहले ही यह बिहार के NDA प्रमुख दल जनता दल यूनाइटेड और भाजपा में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए अंदरूनी समझौता हुआ था।
जिसका मुख्य कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ को माना गया था। और चुनाव के पहले से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मानसिक और शारीरिक अस्वस्थता का उदाहरण तो निरंतर सोशल मीडिया में चल रही थी। इन सबके बावजूद चुनाव बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया।
इन सबके बावजूद NDA के दलों ने नीतीश कुमार के चेहरे को आगे रखकर विधानसभा चुनाव लड़ा था। और चुनाव में बहुमत प्राप्त करने के बाद शुरु में NDA की तरफ से स्वाभाविक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बने।
अब NDA के मुख्य दल भाजपा को यहां अपने दल से मुख्यमंत्री बनाने की जल्दी है। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या फिर उनके समर्थक निरंतर ऐसा ऐसा पैतरा ले रहे है जिससे राज्य के साथ केंद्र भाजपा नेतृत्व को रोज खाने की थाली सामने से हटा लिया जाना जैसा अनुभव हो रहा है।
अब अगले 7-8 दिनों में राज्य में नए मुख्यमंत्री बनने की पूरी संभावना है। लेकिन अभी तक भाजपा के तरफ से नाही उनके पार्टी की तरफ से कोई नाम की घोषणा हुई है ना हीं ही कोई बिहार का भाजपा नेता अपने आपको मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी कर रहा हैं।
जबकि अनेक जदयू नेता कभी नीतीश कुमार को CM बने रहने, तो कभी निशांत कुमार को CM बनाने, कही जदयू का ही नया मुख्यमंत्री बनाने की मांग करते रहे हैं।
अभी दो दिन पहले जदयू नेताओं द्वारा उनकी पसंद वाला ही भाजपाई को नया मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठने लगी है। ऐसे में यह बात सही साबित हो रहा है कि जाते जाते भी भाजपा की गले की हड्डी साबित हो रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
