G-HMMWBCZ928
Thursday, October 8, 2026
HomeराजनीतिTRE-4 में देरी कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे NDA...

TRE-4 में देरी कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे NDA सरकार: तेजस्वी यादव

पटना: बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी यादव ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (TRE-4) में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर राज्य की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू की “डबल इंजन” सरकार युवाओं की जरूरतों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है और जानबूझकर नियुक्तियों को लटका रही है।

17 महीने बनाम वर्तमान सरकार
तेजस्वी यादव ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को याद दिलाते हुए कहा कि महागठबंधन सरकार के 17 महीनों के दौरान शिक्षा विभाग राजद के पास था। उस समय रिकॉर्ड समय में बिना किसी पेपर लीक और पूरी पारदर्शिता के साथ TRE-1 और TRE-2 के माध्यम से 2.20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। उन्होंने कहा, “हमने TRE-3 की प्रक्रिया भी शुरू की थी, लेकिन हमारे सत्ता से हटते ही पेपर लीक के कारण उसे रद्द करना पड़ा और पूरी प्रक्रिया पटरी से उतर गई।”

वादाखिलाफी का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी वर्ष 2025 में बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज एक साल बीत जाने के बाद भी TRE-4 की वैकेंसी तक जारी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा है कि BPSC कैलेंडर के अनुसार यह परीक्षा अगस्त 2024 में ही हो जानी चाहिए थी। सत्ता के लिए कुर्सी की अदला-बदली में व्यस्त भाजपा-जदयू सरकार ने पहले अक्टूबर 2025 की तारीख दी ताकि आचार संहिता की आड़ में इसे टाला जा सके। चुनाव खत्म हो गए, सरकार बन गई, लेकिन अभ्यर्थी आज भी सड़कों पर इंतजार कर रहे हैं।”

युवाओं के हक का ‘क़त्ल’ न करे सरकार
तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी कि बार-बार परीक्षा टालने से लाखों अभ्यर्थियों की आयु सीमा (Age Limit) समाप्त हो रही है और उनका धैर्य जवाब दे रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि:

TRE-4 की वैकेंसी अविलंब जारी की जाए।
शिक्षकों के रिक्त पदों की गणना कर पारदर्शी तरीके से बहाली हो।

युवाओं के सपनों और उनके परिवार की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए।

उन्होंने अंत में कहा कि एनडीए सरकार को चुनाव जीतने के लिए किए गए झूठे वादों को छोड़कर अब धरातल पर काम करना चाहिए और बिहार के युवाओं के हक-अधिकारों का गला नहीं घोंटना चाहिए।

यह भी पढ़े

अन्य खबरे