पटना, 30 मार्च 2026
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज ऐतिहासिक पटना विश्वविद्यालय (PU) के नवनिर्मित प्रशासनिक एवं शैक्षणिक भवन (कला संकाय) का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल भवन का लोकार्पण किया, बल्कि वहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का गहन निरीक्षण भी किया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी उपस्थित रहे, जो शिक्षा के प्रति सरकार की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भवन का निरीक्षण करने के बाद उपस्थित जनसमूह और विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा:
”विश्वविद्यालय के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से न केवल प्रशासनिक कार्यों का सुव्यवस्थित ढंग से संचालन करने में सहूलियत होगी, बल्कि विद्यार्थियों को एक बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक माहौल भी मिलेगा।”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह नया भवन कला संकाय के छात्रों के लिए शोध और अध्ययन के नए द्वार खोलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिसर में छात्रों के लिए सुविधाओं का रखरखाव उच्च स्तरीय रखा जाए।
कला संकाय का विस्तार: नए शैक्षणिक भवन से कला संकाय (Faculty of Arts) के विभिन्न विभागों को बेहतर क्लासरूम और कार्यस्थल मिलेंगे।
प्रशासनिक सुगमता: नवनिर्मित प्रशासनिक ब्लॉक से विश्वविद्यालय के कामकाज में पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा की उपस्थिति ने इस आयोजन को राजनीतिक और सामाजिक रूप से खास बना दिया।
यह उद्घाटन ऐसे समय में हुआ है जब बिहार सरकार सात निश्चय-3 के तहत राज्य के शिक्षण संस्थानों को वैश्विक स्तर का बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पटना विश्वविद्यालय, जिसे ‘पूर्व का ऑक्सफोर्ड’ कहा जाता है, के बुनियादी ढांचे में यह सुधार विश्वविद्यालय के पुराने गौरव को लौटाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
