Monday, March 23, 2026
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बिहार दिवस: पटना नगर निगम की सांस्कृतिक संध्या में गूंजी लोक गीतों की तान और स्वच्छता की गूँज

पटना, 23 मार्च 2026

​बिहार दिवस समारोह के दूसरे दिन राजधानी पटना के उत्सव में लोक संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। पटना नगर निगम द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बिहार की समृद्ध विरासत को कला और कविताओं के माध्यम से जीवंत किया गया।

महापौर ने की स्वच्छता की अपील

​कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन पटना की महापौर सीता साहू द्वारा किया गया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए महापौर ने कहा कि बिहार की अस्मिता हमारे गौरवशाली इतिहास में निहित है, लेकिन एक आधुनिक और विकसित बिहार के निर्माण के लिए स्वच्छता अनिवार्य है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपील की कि वे पटना को स्वच्छ और सुंदर बनाने के संकल्प में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

लोक गीतों से जीवंत हुई परंपरा

​सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में पटना नगर निगम की स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर और प्रख्यात लोक गायिका डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उन्होंने पारंपरिक छठ गीतों के माध्यम से लोक आस्था के महापर्व की महिमा का बखान किया। कलाकारों के एक समूह ने बिहार की विविध लोक विधाओं जैसे:

  • बिहार गौरव गाथा
  • दोमकच और कजरी
  • झिझिया, सोहर और जट-जटिन
  • स्वच्छता आधारित विशेष नृत्य नाटिका

​इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बिहार की मिट्टी की खुशबू और सांस्कृतिक विविधता से सराबोर कर दिया।

युवा कवि सम्मेलन: शब्दों में स्वच्छता का संदेश

​कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘युवा कवि सम्मेलन’ रहा। युवा कवियों ने अपनी ओजस्वी रचनाओं के माध्यम से बिहार की पहचान और सामाजिक सरोकारों को स्वर दिया। कविताओं के माध्यम से यह संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया कि स्वच्छता केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। युवा रचनाकारों की कविताओं में बिहार की गौरवशाली गाथा और वर्तमान चुनौतियों का सुंदर मिश्रण देखने को मिला।

​इस आयोजन ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने और शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित भी किया।

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