नवादा | 22 मार्च 2026: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने नवादा में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बिहार की राजनीति और परिवारवाद पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। PK ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे के राजनीति में प्रवेश की खबरों को लेकर तंज कसते हुए आम जनता को अपने बच्चों के भविष्य के प्रति आगाह किया।
”नेताओं ने अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित कर लिया है”
प्रशांत किशोर ने बिना किसी भेदभाव के सभी राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज की राजनीति में विचारधारा गौण हो गई है। उन्होंने कहा,
“नेता चाहे समाजवादी हो या भाजपाई, युवा हो या बुजुर्ग, अगड़ा हो जाए या पिछड़ा—सभी नेताओं ने अपने बच्चों की चिंता पहले ही कर रखी है। किसी भी नेता का बच्चा बेरोजगार नहीं रहेगा और न ही वह मजदूरी करने जाएगा।”
उन्होंने जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि नेताओं ने तो अपनी व्यवस्था कर ली है, लेकिन आम जनता का पढ़ा-लिखा बच्चा आज भी मजदूरी करने को मजबूर है। इसलिए अब समय आ गया है कि जनता नेताओं के बजाय अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करे।
नीतीश कुमार पर सीधा वार: “कहाँ गया वह बिना परिवार वाली राजनीति का दावा?”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने उनके बेटे के राजनीति में आने और JDU का नेतृत्व संभालने की संभावनाओं पर गंभीर सवाल उठाए। PK ने कहा:
“नीतीश कुमार जी जीवनभर यह दावा करते रहे कि उन्होंने आज तक अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया। लेकिन आज दुनिया देख रही है कि उनका लड़का सीधे राजनीति में उतर रहा है। सवाल यह है कि उनकी योग्यता क्या है? समाज के प्रति उन्होंने ऐसा कौन सा काम किया है जो उन्हें सीधे नेतृत्व सौंपा जा रहा है?”
PK ने साफ लहजे में कहा कि बिहार में सत्ता परिवर्तन के नाम पर केवल चेहरों का बदलाव होता रहा है, लेकिन व्यवस्था वही पुरानी ‘परिवारवादी’ बनी हुई है। उन्होंने जनता को झकझोरते हुए कहा कि जब तक लोग जाति और धर्म के नाम पर वोट देते रहेंगे, तब तक उनके बच्चे पलायन और मजदूरी के चक्रव्यूह में फंसे रहेंगे, जबकि नेताओं की अगली पीढ़ी सत्ता के सुख भोगेगी।
