पटना नीट छात्रा बलात्कार एवं हत्या मामले में पीड़िता पक्ष को निःशुल्क कानूनी मदद करने वालो की एक पूरी फौज है। उनमें प्रमुख नामों में पीड़िता पक्ष के प्रमुख अधिवक्ता एस के पांडेय के साथ अधिवक्ता डॉ. कौशलेंद्र नारायण का भी नाम निरंतर आता रहा है ।
डॉ. कौशलेंद्र नारायण ने शुरुआत से ही पटना नीट छात्रा मामले में अधिवक्ता एस के पांडेय को बढ़चढ़ कर सहयोग दिया है । और मीडिया में भी पीड़िता के परिजनों का पक्ष प्रभावशाली ढंग से रखा है।
और ऐसे ही लोगों के सामूहिक प्रयास से इस मामले में गिरफ्तार एकमात्र आरोपी मनीष रंजन की जमानत याचिका पोक्सो कोर्ट ने रद्द कर दी।
15 20 दिन पहले छपरा के भी एक गांव में कुछ ऐसी घटना एक नाबालिग छात्रा के साथ घटित हुई है। यहां भी मृतक पीड़िता के परिजनों को न्याय मिलने में दिक्कत आ रही हैं।
और इस मामले में भी अधिवक्ता डॉ. कौशलेंद्र नारायण ने छपरा निर्भया कांड मामले में मृतक के परिवार को न्याय दिलाने के लिए और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हर न्यायिक प्लेटफॉर्म पर मुकदमा मुफ्त लड़ने की घोषणा की हैं।
इसके साथ उनके अनुसार छपरा की मृतक निर्भया एक गरीब परिवार से आती थी । इसलिए डॉ. कौशलेंद्र नारायण ने उसके परिवार को ट्रायल कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए और उन्हें आर्थिक कठिनाई नहीं हो। इसके लिए 50 हजार रुपया आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है।
डॉ. कौशलेंद्र नारायण शनिवार या रविवार को स्वयं छपरा जिले के गांव के उसके घर जाकर मृतक पीड़िता के परिवार को चेक सौंपेंगे। उन्होंने इस मामले में पीड़ित पक्ष को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने की तैयारी दर्शाई है।
